ग्रिल चिकन करता है साइलेंट किलर का काम

ग्रील्ड बीफ़, चिकन या मछली जो कि खाने में स्वादिष्ट होते हैं परन्तु यह स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय भी हो सकता है। जब उच्च तापमान पर खाना पकाया जाता है तो इसमें कई तरह के रसायन का निर्माण होता है परन्तु कैंसर पैदा करने वाले रसायनों का निर्माण अधिकतम मात्रा में होता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि खुली लौ पर या उच्च तापमान पर लाल और सफेद मांस पकाना – ग्रिलिंग, बारबेक्यूइंग, ब्रोईंग और रोस्टिंग सहित – व्यक्ति के उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा सकती है।

यदि आप ग्रिलिंग पसंद करते हैं तो उसको खाना कम कर दीजिये नहीं तो ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है जिसे हम साइलेंट किलर के नाम से भी जानते हैं। ग्रिलिंग खाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

• यदि आप ग्रिलिंग पसंद करते हैं, ठीक है, लेकिन सप्ताह में दो या तीन बार इसे सीमित कर दें।

• यदि यह जले हुए है, तो उन हिस्सों को काटने पर विचार करें ताकि आप किसी भी हानिकारक रसायनों का उपभोग न करें।

• लाल मांस की खपत को सीमित करें: अत्यधिक लाल मांस के सेवन का कारण उच्च रक्तचाप भी हो सकता है, खासकर इसके साथ आने वाले सभी सोडियम की वजह से।

सेहत के लिए बेहद गुणकारी होता है कच्चा पपीता, जानिए इसके फायदे

बालों से जुड़ी सभी समस्याओं का रामबाण इलाज है आलू का रस, जानिए लगाने का तरीका