सोशल मीडिया और OTT के लिए गाइडलाइंस जारी, अब सरकार के हाथ में होगी कमान

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए मापदंड बताने वाले कानून की जानकारी दी हैं। उन्होंने कहा हैं कि कोर्ट या सरकार अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शरारती संदेश को लेकर जानकारी मांगती है वह उन्हें देनी होगी। साथ ही सबसे पहले पोस्ट करने वाले यूजर की जानकारी भी उसे देनी होगी। प्रसाद ने कहा अब सोशल मीडिया कंपनी को बताना होगा कि किसी भी यूजर के कंटेंट को निष्क्रिय करने के पीछे की वजह क्या हैं।

उन्होंने कहा भारत में हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का स्वागत हैं, लेकिन इसमें दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तंज कसते हुए कहा कि यदि कैपिटल हिल पर हमला होगा तो सोशल मीडिया पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करता है और लाल किले पर हमले पर आप दोहरा रवैया अपनाते हैं। यह भारत में स्पष्ट रूप से स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को लेकर बनाए गए कानून 3 महीने के भीतर लागू हो जाएंगे।

प्रसाद ने कहा तंत्र में सुधार कर सकें। बाकी नियमों को अधिसूचित किए जाने के दिन से लागू होगा। बता दे रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर ने सोशल मीडिया पर डिजिटल सामग्री को लेकर नए नियमों के दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का दुरूपयोग होता आ रहा हैं। इस पर व्यापक विचार-विमर्श कर 2018 में एक मसौदा तैयार हुआ और अब इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नए कानून लागू किये जा रहे हैं।

फेसबुक, ट्विटर सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शिकायत निवारण तंत्र रखने का आदेश दिया गया है, जिसके तहत उन्हें एक शिकायत अधिकारी का नाम देना आवश्यक है जो शिकायत को 24 घंटे के भीतर दर्ज करें और 15 दिनों में निस्तारण करें। मंत्रीजी ने कहा ओटीटी प्लेटफार्मों पर 13+, 16+ और A (अडल्ट) श्रेणियां होंगी। ओटीटी और डिजिटल मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय देखेगा और इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का संज्ञान आईटी मंत्रालय लेगा।

यह भी पढ़े: समलैंगिक विवाह भारतीय परिवार को पूरा नहीं कर सकता, मोदी सरकार ने किया विरोध
यह भी पढ़े: कीजिए पुदीने का सेवन अगर आप पेट दर्द से परेशान हैं