गुर्जरों का नहीं मिला हल, अब जाटों की चेतावनी ने बढ़ाई गहलोत सरकार की टेंशन

राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ आरक्षण के लिए गुर्जर आंदोलन ने गहलोत सरकार की नींदे उड़ा रखी हैं। वहीं, दूसरी तरफ जाटों ने भी सरकार को जल्द ही आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दे डाली है। ऐसे में अब सरकार के लिए संकट डबल हो गया हैं। बता दे गुर्जर समुदाय पिछले पांच दिनों से राज्य सरकार से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जिसका कोई हल नहीं निकला हैं।

इसी बीच जाटों द्वारा आंदोलन की घोषणा से राज्य सरकार सकते में आ गई है। भरतपुर धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने मीडिया से राज्य सरकार पर वादा नहीं निभाने का आरोप मढ़ते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं। उन्होंने कहा 2017 में हुए जाट आंदोलन समझौता वार्ता के दौरान सरकार ने भरतपुर धौलपुर जिलों के जाटों को ओबीसी वर्ग में केंद्र में आरक्षण दिलाने के लिए सिफारिश चिट्ठी लिखने की कहा था।

फौजदार ने कहा सरकार ने आंदोलनकारियों पर लगे मुकदमों को वापस लेने के लिए भी कहा था। साथ ही चुने गए अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का वादा किया। लेकिन इनमेने से कुछ भी पूरा नहीं हुआ हैं। ऐसे में जाटों के पास फिर से मजबूरी वश आंदोलन का रास्ता चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं हैं।

यह भी पढ़े: तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली सरकार को लताड़
यह भी पढ़े: Jio के 336 दिनों की वैधता वाले तीन All-in-One प्लान हुए लॉन्च, जानें खासियत