ऐसे बचे साइबर अडिक्ट होने से

अगर बहुत से लोगों की तरह आप भी दिनभर सोशल मीडिया, ऑन लाइन गेम या फिर यूं ही सर्फिंग करने में लगे रहते हैं तो आपको डॉक्टर की जरूरत है और यह डॉक्टर आपको एम्स में मिल जाएंगे।

इससे पहले बहुत से अध्ययन आ चुके हैं जिनमें दिनभर इंटरनेट पर बैठे रहने वालों को डॉक्टर से मिलने की सलाह दी गई है और अब एक खास पहल के तहत एम्स में साइकीऐट्रिक ओपीडी की व्यवस्था भी कर दी गई है। यह ओपीडी उन लोगों के लिए है, जो अपना ज्यादातर वक्त इंटरनेट पर ही बिताते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कॉलेज और स्कूल जाने वाले बच्चों में तेजी से बढ़ती इस लत को देखते हुए यह पहल की गई है। उनका कहना है कि बच्चों को खुद भी पता नहीं चलता है कि उन्हें कब इसकी लत लग गई और इस लत के चलते वे धीरे-धीरे गंभीर मानसिक बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं।

उनके अनुसार, इंटरनेट की लत के चलते अवसाद, घबराहट और नशे की आदत पड़ने का डर बना रहता है। वह बताते हैं कि यहां पर ऐसे लोगों की काउंसलिंग की जाती है, उनके इंटरनेट यूज को सीमित किया जाता है। फिलहाल तो यह क्लीनिक सिर्फ शनिवार को ही खुलती है। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आप यहां डॉक्टर से मिल सकते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की संख्या के आधार पर आगे चलकर इस समय को बढ़ाया जा सकता है। ये क्लीनिक डॉक्टर यतन और डॉक्टर रचना भारद्वाज द्वारा संचालित है। क्लीनिक में रोजाना 6 से 7 मरीज आते हैं। उनका कहना है कि इस लत का सबसे बुरा असर बच्चों के रिजल्ट पर पड़ रहा है।

उन्होंने एक केस का जिक्र करते हुए बताया कि एक बच्चा जो 11वीं तक टॉपर था सिर्फ इस लत के चलते 12वीं की परीक्षा पास भी नहीं कर पाया और अब वह अपना इलाज करवा रहा है।