‘हार्ट ऑफ इंडिया’ को बनाना है ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ : शिवराज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि राज्य को अभी ‘हार्ट ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है और उनका सपना है कि प्रदेश ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ बन जाए।

श्री चौहान आज यहां विश्व की सबसे बड़ी, 600 मेगावाट ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना के प्रथम चरण अनुबंध के हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए। प्रथम चरण में 278 मेगावाट क्षमता की परियोजना के अनुबंध में हस्ताक्षर समारोह आयोजित हुआ।

इस दौरान उन्होंने कहा कि एक सपना साकार हो रहा है। ओंकारेश्वर का यह फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट अपने आप में अद्भुत है। जिस सोलर पावर प्लांट का अनुबंध हस्ताक्षर समारोह हो रहा है, वह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अभी ‘हार्ट ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि इसे ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ बना दें, इसलिए दो दिन पहले नई रिन्यूएबल एनर्जी नीति को स्वीकृति दी है।

मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर स्थित 600 मेगावाट का फ्लोटिंग पावर प्लांट विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग प्लांट है। प्रथम चरण में ये 278 मेगावाट की क्षमता से स्थापित होगा। पूर्ण क्षमता से ये सितंबर 2023 से प्रारंभ होगा।

इस फ़्लोटिंग पॉवर प्लांट के तहत नर्मदा नदी के बैक वाटर पर करीब 2 हजार हेक्टेयर में सोलर पैनल्स लगेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सोलर एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाले सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश की धरती पर आमंत्रित कर रहे हैं। राज्य की सोलर एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी, नवकरणीय ऊर्जा की नीति बहुत इन्वेस्टर फ्रेंडली है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहां जमीन और पानी की भी कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस प्लांट में कोई विस्थापन नहीं हुआ। जमीन पर जो सोलर पैनल बिछाते हैं, उसके मुकाबले पानी की सतह पर बिछाए जाने वाले प्लांट से ज्यादा बिजली पैदा होती है। इस प्लांट से बांध के पानी को वाष्पीकरण से भी बचाया जाएगा।