Hellfire R9X: अमेरिका की वो घातक हेलफायर मिसाइल, बिना धमाका किए अल-जवाहिरी का कर दिया खात्मा

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को अमेरिकी ड्रोन से दागी गई दो हेलफायर मिसाइलों ने अल-कायदा के सरगना अयमान अल-जवाहिरी का अंत कर दिया। आतंक के खिलाफ बड़ी चोट करने की तैयारी अमेरिका ने कई महीने पहले ही कर ली थी। अमेरिका ने रविवार सुबह 6.18 बजे काबुल के सुदूर इलाके में हेलफायर मिसाइलें दागकर अल-जवाहिरी को मौत की नींद सुला दिया।

अमेरिका ने इस ऑपरेशन को भी बड़ी खुफिया तरीके से अंजाम दिया। यहां तक अफगानिस्तान में तालीबानी सरकार को अमेरिका के इस ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी।एपीएन न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, अल जवाहिरी को मौत की नींद सुलाने के लिए अमेरिका ने अपने सबसे ताकतवार हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल किया।

जवाहिरी के मारे जाने के बाद अमेरिका के इस अचूक निशाने वाले हेलफायर मिसाइल की जमकर चर्चा हो रही है। साथ-साथ यह भी सवाल हो रहा है कि अमेरिका के पास कई और अत्याधुनिक हथियार हैं लेकिन उसने अल-कायदा के सरगना को मारने के लिए हेलफायर मिसाइल का ही इस्तेमाल क्यों किया? इस सवाल का जवाब भी हम आपको देंगे और मिसाइल के बारे में पूरी जानकारी भी देंगे।

अमेरिका ने हमले के लिए हेलफायर मिसाइल ही क्यों चुना?

अमेरिका पहले भी ऐसे हमले करते आया है और लादेन समेत कई आतंवादियों के सरगना को मौत की नींद सुला चुका है। अमेरिका की ओर से किए गए कई हाई प्रोफाइल हमलों में अनजाने में ही कई निर्दोष नागरिक मारे जाते थे।

इस बार अमेरिका ने यह गलती नहीं की और उसने जवाहिरी को मौत के घाट उतारने के लिए हेलफायर मिसाइल को चुनाव। हेलफायर मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यही है है कि यह मिसाइल अपने टारगेट के अलावा अन्य किसी चीज को नुकसान नहीं करती है या फिर संभावना बहुत कम होता है।

हेलफायर R9X मिसाइल का इस्तेमाल

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है कि हमले के लिए किस प्रकार के हेलफायर का इस्तेमाल किया गया था, विशेषज्ञों और आतंकवाद विरोधी अभियानों से परिचित लोगों ने कहा है कि जिस हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल किया गया वो आर9एक्स (R9X) थी। इस मिसाइल को ‘चाकू बम’ या फिर ‘फ्लाइंग गिंसू’ के नाम भी जाना जाता है।

हेलफायर मिसाइल क्या है?

अमेरिका ने 1980 के दशक में एक टैंक रोधी मिसाइल के रूप में हेलफायर को डिजाइन किया। पिछले दो दशकों में इराक, अफगानिस्तान, यमन और अन्य जगहों पर लक्ष्य पर हमला करने के लिए अमेरिकी सैन्य और खुफिया एजेंसियों की ओर से हेलफायर का उपयोग किया गया है। इस मिसाइल को लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के साथ-सात मानव रहित ड्रोन पर भी सेट किया जा सकता है।

विस्फोटक नहीं, छह धारदार ब्लेड लगे होते हैं

अमेरिकी सेना इस मिसाइल का इस्तेमाल किसी बड़े ऑपरेशन के लिए ही करती है। जैसे पिछले साल सीरिया में अल-कायदा के नेता और 2011 में यमन में अल-कायदा के प्रचारक अनवर अल-अवलाकी को मारने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि इसमें विस्फोटक नहीं होता है। इसमें छह धारदार ब्लेड्स लगे होते हैं जो अपने टारगेट को काटते हैं। लेजर से लैस इस मिसाइल में टारगेट का पूरा डेटा फीड कर दिया जाता है।

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