राजस्थान: शिक्षण संस्थाओं और मॉल्स में संचालित हो सकेंगे कार्यालय

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन के चौथे चरण को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों एवं आमजन के सहयोग से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप प्रदेश में कुछ और आवश्यक गतिविधियों को अनुमत किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं में अशैक्षणिक गतिविधियों के लिए एवं मॉल्स में संचालित कार्यालयों को सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना के साथ अनुमति दी जाए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप ने बताया कि सभी शैक्षणिक संस्थाओं में उनके कार्यालय अशैक्षणिक कार्यों के लिए खुल सकेंगे। लेकिन इनमें शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और न ही इनमें विद्यार्थी आ सकेंगे। साथ ही मॉल्स में दुकानें नहीं खुल सकेंगी, उनमें स्थित सिर्फ ऑफिस खुल सकेंगे।

पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने और अन्य दिशानिर्देशों की पालना के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रही थी। अब इनका पालन नहीं करने वाले लोगों पर राजस्थान एपिडमिक अध्यादेश के तहत चालान करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन में मास्क नहीं पहनने पर 8134 लोगों के चालान बनाए गए हैं। साथ ही बिना मास्क पहने व्यक्ति को सामग्री बेचने के मामले में 1201 चालान एवं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 73 लोगों के तथा पान, गुटखा एवं तम्बाकू बेचने पर 64 लोगों के चालान बनाए गए हैं। इसी तरह सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर 2525 चालान बनाए गए हैं।

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