माइग्रेन की समस्या से ऐसे पाएँ छुटकारा

माइग्रेन एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। माइग्रेन के मरीजों की संख्या इनदिनों लगातार बढ़ती जा रहे हैं। वक्त रहते माइग्रेन की समस्या का इलाज अवश्य करा लेना चाहिए। माइग्रेन में रोगी को बेचैन कर देने वाला सिर दर्द होता है। माइग्रेन होने पर आधे सिर का दर्द और तेज सिर दर्द बहुत होने लगता है। सिर के दायें या बायें भाग में दर्द होना, दर्द की वजह से उल्टी आना, सिर में दर्द के साथ शरीर में सुन्नता भी आ सकती है। माना जाता है कि जैसे ही आप सामान्य स्थिति से एकदम तनाव भरे माहौल में पहुंचते हैं तो सबसे पहले आपका सिर दर्द भी बढ़ता है।

ब्लडप्रेशर बहुत हाई होने लगता है और लगातार ऐसी स्थितियां आपके सामने बनने लगे तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा सोने के गलत पैटर्न से भी सिर दर्द की समस्या भी हो जाती है।

  • माइग्रेन से बचने के टिप्स

– भरपूर नींद लें। कम नींद लेने पर माइग्रेन की समस्या उत्पन्न हो जाती है।अच्छी नींद के लिए शांत वातावरण का होना जरूरी है। सोने से पहले लाइट को बंद करें। कमरे को अंधेरा करके और शांत वातावरण में सोना चाहिए।

– रेग्युलर एक्सरसाइज करें। एक्सपर्ट का कहना है कि एरोबिक एक्सरसाइज करने से माइग्रेन की समस्या से निजात मिलता है। इसलिए अगर आपको माइग्रेन की समस्या से बचना हो तो रोज एक्सरसाइज करें। दिन में तीन बार 40 मिनट तक एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए।

– टेम्‍परेचर थेरेपी को अप्‍लाई करें। गर्म और ठंडा सेक अपने सिर और गर्दन के पास लें। आइस पैक का इस्‍तेमाल भी कर सकते है, जिससे दर्द में राहत मिल सकती है। हीटिंग पैड्स तनावग्रस्‍त मांशपेशियों में राहत प्रदान करते हैं।

– कैफीनयुक्त पेय का इस्‍तेमाल करें। शुरुआती अवस्‍था में माइग्रेन के दर्द में कैफीन का कम मात्रा का सेवन भी राहत प्रदान करता है।

– माइग्रेन के दर्द के चलते नींद में काफी दिक्‍कत आती है। सोने के समय का ध्यान रखें। नियत समय पर जागें और नियत समय पर सोने की कोशिश करें। यदि आप दिन के समय लेटते हैं तो इस अवधि को कम रखने की कोशिश करें।

– बेहतर नींद के लिए खुद को रिलैक्स करने की बहुत कोशिश करें। सॉफ्ट म्‍यूजिक को सुनें, मनपसंद किताब को पढें। रात को सोने से पहले अधिक एक्‍सरसाइज, भारी भोजन, कैफीन, निकोटिन और अल्‍कोहल का सेवन कभी न करें।

– भटकाव को हावी न होनें दें। बिस्तर पर सोने के दौरान टीवी देखने और दस्‍तावेजी काम को न करें। बरदस्‍ती सोने की कोशिश कभी न करें। नीदं आने के लिए कुछ पढ़ें और अन्‍य रुचिकर कार्य करें।

-खानपान की आदतें भी माइग्रेन को बहुत ज्यादा प्रभावित करती हैं। भोजन करने के समय का ध्‍यान रखें। जन न करना अधिक नुकसानदेह हो सकता है। यदि आप देर तक भोजन नहीं करते हैं तो माइग्रेन का रिस्क भी बढ़ जाता है।

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