Breaking News
Home / लाइफस्टाइल / नवजात शिशु का रोना परेशान नहीं करेगा बशर्ते…

नवजात शिशु का रोना परेशान नहीं करेगा बशर्ते…

नवजात शिशु रोने के अलावा अपनी भावनाओं को और किसी तरह से व्यक्त नहीं कर सकते। यही मां के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्हें पता नहीं चलता कि बच्चे को भूख लगी है, तकलीफ हो रही है या फिर कोई समस्या है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि मांएं अपने शिशु के रोने की भाषा से पूरी तरह अनभिज्ञ रहती है। हां, वे चाहें तो थोड़ी सी समझदारी से अपने नवजात शिशु के रोने से उसकी भावनाओं को समझ सकती है। इसके लिए हम यहां आपको कुछ सुझाव दे रहे हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद शिशु के रोने की वजह को अप बेहतर तरीके से जान पाएंगी-
-अकसर शिशु को शाम के समय दर्द होता है।
-बच्चे को दूध पीते हुए भी प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए अगर दूध पीते हुए रोए तो थोड़ा हिला-डुला लें।
-जब उसके पेट में थोडा दर्द हो रहा हो तो दोनों हाथों की हथेलिओं को रगड़कर उसके दर्द वाले जगह लगाएं। इससे उसे आराम मिलेगा।
-छह माह तक शिशु को बाहर का कुछ न दें, पानी भी नहीं। आपका दूध ही उसके लिए पर्याप्त है। कभी कभी ज्यादा पेट भर जाने से भी वह रोता है। इसे आप समझने की कोशिश करें। अगर ऐसा हो, तो उसे डकार जरूर दिलाएं।
-नवजात शिशु सोते हुए अगर अचानक रोने लगे तो समझें कि वह किसी आवाज से चैंक उठा है या फिर उसे डर हो गया है कि उसकी मां उसके पास नहीं है। ऐसे में आप तुरंत उसकी छाती पर हाथ रखें। इससे उसे अपनी मां के पास होने का अहसास होगा और उसका रोना बंद हो जाएगा।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *