जानवरों के ब्लड सीरम से ICMR ने बनाई कोरोना की दवा, असरदार होने का दावा

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने हैदराबाद की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के साथ मिलकर कोरोना की दवा का निर्माण कर लिया हैं। आईसीएमआर ने इस दवा को बनाने के लिए कोरोना के उपचार के लिए जानवरों के रक्त सीरम का इस्तेमाल कर हाइली प्योरिफाइड ‘एंटीसेरा’ विकसित की है। बता दे एंटीसेरा जानवरों से प्राप्त ब्लड सीरम है, जिसमें खास एंटीजन के खिलाफ एंटीबॉडीज होते हैं। इससे कोरोना की घातकता काफी कम हो सकती हैं।

जानवरों से प्राप्त ब्लड सीरम ‘एंटीसेरा’ खास बीमारियों के उपचार में इनका इस्तेमाल किया जाता है। भारत में प्लाज्मा थेरेपी के बाद कोरोना के उपचार के लिए सामने आई यह दूसरी कारगर थैरेपी हैं। ICMR ने दावा किया है कि ‘एंटीसेरा’ कोरोना महामारी को रोकने में कारगर साबित होगी। इससे पहले भी कई वायरल बैक्टीरियल संक्रमणों को नियंत्रित करने में इसका उपयोग किया जा चुका हैं। गौरतलब है भारत में संक्रमण घट रहा है लेकिन खतरा बढ़ रहा हैं।

कोरोना संक्रमण देश में भले घट रहा हो लेकिन खतरा बढ़ता जा रहा है। करीब एक लाख लोग वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं, इनमें से 34 फीसदी मौतें सिर्फ सितंबर महीने में हुई हैं। रोजाना करीब 1,100 लोग दम तोड़ रहे हैं। अब कोरोना बच्चों को अपना शिकार बना रहा हैं, जो चिंता की बात हैं।

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