कम उम्र में बाल अगर सफेद हो रहे हैं तो हो सकती हैं ये बीमारियां

आजकल की बदलती लाइफस्टाइल ने सबका खानपान भी बदल दिया हैं, ऐसे में लोग आजकल बहार का जंक फ़ूड अधिक खाने लगे हैं। एक दिन नहीं कई लोग तो रोज बहार का खाते हैं जिसका असर सीधा उनके शरीर पर दिखने लगता हैं। बहार का खाना खाने से बीमारियां तो होती ही हैं साथ ही कम उम्र में ही सफ़ेद बालों की समस्या बड़ जाती हैं। अध्यन में पता चला हैं की जिन पुरुषों के बाल उम्र से पहले ही सफेद होने लगते हैं, उन्हें दिल की बीमारी होने का खतरा रहता हैं।

रिसर्च में बताया हैं कि धमनियों में सख्ती (आर्टरिओस्क्लेरोसिस) का एक चरण ऐसा होता हंै जिसमें धमनियों की आंतरिक दीवारों पर वसा जमने लगती है। उस चरण को एथेरोस्केलेरोसिस कहते हैं।

एक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार वयस्क लोगों का अध्ययन करने के बाद यह नतीजा सामने आया हैं कि इन सभी प्रतिभागियों की धमनियों की अंदरुनी स्थिति की सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी तकनीक के जरिए जांच की गई थी। ताकि यह पता लग सके कि इन्हें दिल की बीमारी तो नहीं है अथवा इनके दिल की प्रमुख रक्त वाहिनियों में कोई क्षतिग्रस्त तो नहीं हैं।

प्रतिभागी का अंक दो स्वतंत्र पर्यवेक्षकों द्वारा निश्चित किया गया। उनके तनाव, मधुमेह, रक्तचाप, धूम्रपान और दिल की बीमारी का आनुवांशिक इतिहास जैसे दिल की बीमारी के पारंपरिक कारकों के आंकड़े भी एकत्र किए गए।

तमाम आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि जिन प्रतिभागियों के बाल ज्यादा सफेद हो रहे थे उनमें दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा था। उम्र और दिल की बीमारी से जुड़े कारकों का इसमें अलग से कोई प्रभाव नहीं था।

शोधकत्र्ता के अनुसार हमारे शोध से पता चला कि वास्तविक उम्र कम होने के बावजूद बालों में सफेदी व्यक्ति की बढ़ी हुई जैविक उम्र को बयान करती है। यह दिल की बीमारी की चेतावनी का संकेत हो सकता है।

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