रात में अचानक दांत का दर्द उठे तो घबराने की नहीं है जरूरत? जानिए ये 9 तरीके राहत के लिए

हर उम्र में ही दांत का दर्द परेशान करता है। कई बार कुछ ठंडा-गर्म खा लेने से तो कभी किसी इंफेक्शन की वजह से लोग दांत दर्द की समस्या से जूझते हैं। दिन में तो फिर भी लोग दर्द बर्दाश्त कर लेते हैं पर रात में उठने वाला दर्द असहनीय होता है। ऐसे में अगर थोड़ा सा ध्यान दिया जाए तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। दांतों के दर्द में तुरंत आराम के लिए ऐसे ही कुछ घरेलू और आसान उपायों की जानकारी आज हम आपको देंगे जिनकी मदद से आपको दर्द से तुरंत राहत महसूस होगी।

दांत दर्द की दवाएं- असिटामिनोफेन (टाएलेनॉल) या फिर इबप्रोफेन (ऐडविल) ये कुछ दवाइयां आसानी से किसी भी दवाई की दुकान पर मिल जाते हैं। ये तुरंत असर करती हैं और दर्द को कम करने में मदद करती हैं। दवाई का डोज ध्यान से लेना चाहिए। अगर दर्द इनसे ठीक न हो तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

ठंडा दबाव- दातों पर ठंडा दबाव देने से भी दर्द में राहत मिलती है। तौलिए में कुछ बर्फ के टुकड़ों को बाँधकर चेहरे के जिस तरफ दर्द है उधर लगाने से ब्लड वेसल्स कसती हैं जिससे दर्द से पीड़ित इंसान को नींद आ जाती है। सोने से 15-20 मिनट पहले रोज ऐसा करने से भी दांतों के दर्द में कमी आती है।

सिर को ऊंचा रखें- दर्द के समय दो-तीन तकिये के सहारे सिर को ऊपर कर लेने से भी दर्द में आराम मिलता है। कई बार सिर में खून जम जाने से भी दांत में दर्द की समस्या पैदा होती है। ऐसा करने से वो ठीक हो जाता है और साथ ही नींद आ जाती है।

औषधीय मरहम का इस्तेमाल- कई बार लोग दांत दर्द से निजात पाने के लिेए ओरल मरहम या ऑइंटमेंट का भी इस्तेमाल करते हैं। कुछ मरहमों में बेंजोकेन नाम का तत्व मिला होता है जिससे कुछ देर के लिए वो हिस्सा सुन्न हो जाता है। हालांकि, यह तत्व बच्चों के लिए खतरनाक माना जाता है।

नमक-पानी से कुल्ला- नमक पानी का कुल्ला दांत दर्द के लिए सबसे आम घरेलु इलाज है। नमक में मौजूद जीवाणुरोधी तत्व होते हैं जो दांत एवं मसूड़ों को सूजन से बचाते हैं ऐसे में दांत इंफेक्शन से सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा दांतों में फंसे खाद्य पदार्थ भी कुल्ला करने से निकल जाते हैं।

पुदीने की चाय- दांत दर्द से छुटकारे में पुदीने की चाय भी काफी कारगर साबित होती है। दांतों के बीच में पुदीने के रस को लगाने से भी कुछ समय के लिए आराम मिलता है। शोध के मुताबिक, पुदीने में ऐंटी-बैक्टीरियल एवं ऐंटी-ऑक्सीडेट तत्व मेंथॉल मौजूद होता है जो कि सेंसिटिव हिस्सों को सूना करने में कारगर होते हैं।

लौंग- लौंग में मौजूद एक अहम तत्व है यूजिनॉल जो मदद करता है दांत दर्द को रोकने में। इसको पीसकर कई लोग दर्द के हिस्से में लगाते हैं। इसको साबूत चबाने से भी दर्द से राहत मिलती है। बच्चों के लिए हालांकि यह एक अच्छा ऑप्शन नहीं हैं। अनजाने में भी लौंग को निगल लेना खतरनाक एवं कष्टदायक हो सकता है।

कारगर है लहसुन- लहसुन बहु-उपयोगी सामाग्री है जिसे कई चीजों में इस्तेमाल किया जा सकता है। लहसून में मौजूद एलिसिन एक ऐंटी-बैक्टिरियल तत्व है जो दांत के दर्द को कम करता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को मारकर यह दातों को कैविटीज और दर्द से बचाते हैं। कई लोग इसे चबाकर रोज खाते हैं, वहीं कुछ लोग लहसून के स्वाद के वजह से इसे कच्चा खाना पसंद नहीं करते।

नींबू का उपयोग- नींबू विटामिन सी का बड़ा स्रोत है। दांतों के दर्द वाले हिस्से पर नींबू का कतरा लगाने से दर्द से तुंरत राहत मिलती है। दातों में दर्द सड़न या कीड़े लगने से होती है, ऐसे में ये घरेलु नुस्खे कुछ देर के लिए आरामदायक हो सकते हैं। अगर दर्द ठीक न हो रहा हो तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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