अगर आप भी हैं माइग्रेन के रोगी, तो यह खबर अवश्य पढ़ें

माईग्रेन ऐसी बीमारी है जो कभी भी किसी वक्त आपके पूरे प्लान को बिगाड़ सकती है। यही नहीं ये आपके संबंध, कार्यशैली और खुद के लिए भी कई बार घातक साबित होती है। कहवात है न जिसके पैर नहीं पड़ी बिवाई वह क्या जाने दर्द पराई। जी हां, माइग्रेन का दर्द केवल वहीं समझ सकता है जो इसे झेल रहा हो या वह जो इसे झेलने वाले को करीब से जानता हो। माइग्रेन ऐसी बीमारियों में शामिल है जो कब किस कारण हो जाए यह पता नहीं होता। फिर भी माइग्रेन के कुछ ट्रिगर प्वाइंट्स हैं जिनसे बच कर रहने की जरूरत होती है। कुछ ट्रिगर प्वाइंट्स तो बहुत ही आम हैं लेकिन कुछ ऐसे हैं जो हर किसी के लिए अलग-अलग होते हैं। इसलिए माइग्रेन का ये ट्रिगर प्वाइंट्स की चेकलिस्ट बनाना जरूरी है ताकि इनसे दूर रह कर इस जानलेवा दर्द से बचा जा सके। आइए आज कुछ ऐसे ही ट्रिगर प्वाइंट्स के बारे में बात करते हैं जो माइग्रेन के कारण हैं।

समान्यत: इनसे हमेशा ही रहे दूर-

बहुत तेज आवाज, रोशनी या बात करना माइग्रेन पेशेंट्स के लिए खतरे की घंटी होती है। च़ीज, कॉफी, चॉकलेट, खट्टे फल, कच्चे अंकुरित अनाज, सोयाबीन, बहुत अधिक सोना या कम सोना, बहुत ज्यादा एक्सरसाइज, बदलते मौसम में ख्याल न रखना, प्यासे रहना, परफ्यूम या कोई तेज सुगंध। ये ऐसे ट्रिगर प्वाइंट्स हैं जो समान्यत: हर माइग्रेन पेशेंट्स के लिए किलर साबित होते हैं। इनसे हमेशा दूरी बना के चलें।

इन ट्रिगर पर भी रहे सतर्क-

पीरियड्स के पहले भी कई बार माइग्रेन का अटैक आता है। इसके अलावा प्याज, ड्राई फ्रूट्स, मीट, दूध, बहुत ज्यादा ऑयली और नमक वाला खाना भी माइग्रेन को बुलावा देता है। यही नहीं फ्रोजन फूड भी माइग्रेन का कारण है।

इन्हें भी जान लें जो छुप कर करते हैं वार-

चाइनीज खाना, फूड प्रिजरवेटिव्स, गेहूं का आटा यानी रोटी, ब्रेड और यीस्ट से बनी चीजें। इन से भी माइग्रेन के चुपके से अटैक आते हैं। यही नहीं कई बार हो सकता है इनके खाने से आपको दिक्कत न हो लेकिन कई बार इनसे भी दिक्कत हो सकती है।