अगर आपको भी हो रही हैं ये चीजें, तो शरीर में बिगड़ गया है हार्मोन्स का संतुलन

महिलाओं के शरीर में समय समय पर काफी बदलाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में यह बेहद आवश्यक हो जाता है कि महिला अपने स्वास्थ्य का पूरी तरह ध्यान रखे। कभी-कभी आपकी लापरवाही आपके लिए काफी परेशानी का सबब बन जाती है। खासतौर से महिलाओं को अमूमन हार्मोनल असंतुलन का सामना भी करना पड़ता है, जिसके कारण उनके शरीर की पूरी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उन लक्षणों के बारे में, जो यह बताएंगे कि आपके शरीर में हार्मोन का स्तर बिगड़ गया है या नहीं-

  • लंबे समय से पीरियड्स सही अंतराल में नहीं आ रहे तो यह हार्मोंन्स के असंतुलित होने के ही संकेत हैं। ऐसा एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन्स की अधि‍कता या कमी की के कारण होता है।
  • अगर बार-बार छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं या रोजमर्रा की चीजें याद नहीं रख पाते तो ये आपके शरीर में हार्मोनल असंतुलन का ही एक कारण हो सकता है।
  • वैसे तो त्वचा पर पिंपल्स होना आम है लेकिन अगर किसी महिला के जॉ-लाइन एरिया पर  बार-बार या ढेर सारे पिंपल्स निकल आए और ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहे तो यह भी हार्मोंस अंसतुलन का ही संकेत हैं।
  • अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा हैं और आपके कोशिश करने के बाद भी कंट्रोल में नहीं आ रहा तो यह भी हार्मोन्स के असंतुलन का कारण है। हार्मोनल असंतुलन के कारण शऱीर में इंसुलिन का स्तर और चयापचय में गड़बड़ी आ जाती है जिससे शरीर में चर्बी को खत्म करने की क्षमता कम हो जाती है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है।
  • अगर बिना किसी श्रम के भी थकावट महसूस होती रहती हैं तो यह भी हार्मोन्स के असंतुलन का कारण हो सकता है। दरअसल, ऐसा प्रोजेस्टेरॉन की अधि‍कता की वजह से होता है जिससे हर समय नींद और थकान महसूस होती है।
  • हार्मोंन गड़बड़ी का आपकी लव लाइफ पर भी बुरी प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह संबंध बनाने की इच्छा को खत्म कर देता है। एस्ट्रोजन इस रूचि में वृद्धि और प्रोजेस्टेरॉन कमी लाता है।
  • हार्मोंस हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रण में रखते हैं , अगर  इनमें गड़बड़ी हो जाए तो बॉडी टेम्परेचर में भी बदल जाता हैं। अचानक रात को तेज गर्मी व पसीना आना हार्मोंस परिवर्तन का ही संकेत हैं।
  • अगर आपका मूड हमेशा खराब या अपने आपको तनावग्रस्त महसूस करते हैं तो यह भी हार्मोंस इंबेलेंस ही है। इससे स्वभाव में परिवर्तन आ जाता है।इसके लिए हेल्दी डायट, एक्सरसाइज़, योगा को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।
  • एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर में कमी के कारण आपको आवश्यकता से अधि‍क भूख लगती हैं और जरूरत से ज्यादा खा लेते है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है।

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