आप भी सांस की बदबू से हैं परेशान, तो अपनाएं ये आसान उपाय

आजकल सांस की दुर्गन्ध से ग्रस्ति व्यक्ति खुद को बहुत कटा-कटा सा महसूस करता है। चाहे परिवार के भीतर हो या सामाजिक कार्यक्रम के अन्तर्गत कही भी हो। सांस की बदबू (हैलाटोसिस) अक्सर मुंह की एक बैक्टेरिया से होती है। इस बैक्टेरिया से निकलने वाले ‘सल्फर कम्पाउंड’ की वजह से सांस की बदबू पैदा होती है। जमी हुई श्लेष्मा और नाक और गले की नली, पेट और आंत की नली, मूत्र नली, रक्त में जमने वाले अन्य विषैले पदार्थों से भी सांस की बदबू उत्पन्न होती है।

ऐसा कहा जाता है कि नियमति रूप से मुंह की सफाई जब तक नहीं मानी जाती हैं जब तक जीभ की सफाई ना हो। कई बार खाने के कण जीभ पर रह जाते है और सफाई नहीं होने के कारण सांसो में दुर्गध आती है। ऐसे में ब्रश करते वक्त रोज जीभ को टंग क्लीनर से अवश्य साफ करें जिससे सांसों की दुर्गंध और मुंह के संक्रमण से बचाव हो सके।

पार्सली की टहनियों को बारीक काटकर, दो से तीन लवंग या चौथाई चम्मच पीसे हुए लवंग को दो कप पानी में उबालें। इसे ठंडा होने पर दिन में कई बार माउथवॉश की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। पानी खूब पीयें और पेट को साफ रखें।

सौंफ भी बुरी सांसों से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच सौंफ बीज को ले और अपने मुंह में डालकर धीरे धीरे चबायें, इस मसाले में ताजा सांस देने के लिये रोगाणुरोधी गुण है। आप इलायची या लौंग जैसे अन्य प्रामाणिक मसाले का भी उपयोग कर सकते हैं।

चाय भी आपकी बुरी सांसों पर नियंत्रण में सहायता करता है। चाय जो हमेशा आपकी रसोई घर में उपलब्ध होता है आसानी से बुरी सांसों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। आप नियमित एक कप चाय या हरी चाय पी सकते हैं और बुरी सांसों को हटा सकते हैं।