Uric Acid से परेशान हैं तो कॉफी दिला सकती है राहत, जानिए डाइट में और क्या करें शामिल

यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या इन दिनों बहुत कॉमन होती जा रही है। यूरिक एसिड शरीर के सेल्स के साथ-साथ तमाम ऐसी चीजों से बनता है जो हम खाते हैं। यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा किडनी के जरिए फिल्टर हो जाता है और टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर आ जाता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि जब किसी वजह से किडनी की फिल्टर क्षमता घट जाती है तो खून में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है। कई बार यूरिक एसिड हड्डियों के बीच जमा होने लगता है और इससे गाउट की समस्या पैदा हो जाती है। यूरिक एसिड की वजह से गठिया, हार्ड और किडनी से जुड़ी तमाम बीमारियां होने का भी खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कॉफी एक ऐसा पेय पदार्थ है जो यूरिक एसिड के लेवल को कंट्रोल करने में मददगार है। आइये जानते हैं कैसे…

कॉफी: रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग कॉफी पीते हैं उनका यूरिक एसिड लेवल कंट्रोल में रहता है और गाउट की समस्या भी नहीं होती है। जिन महिलाओं ने प्रतिदिन 4 कप से अधिक कॉफी का सेवन किया, उनमें यह स्थिति होने का खतरा 57% कम होता है।

विटामिन-सी सप्लीमेंट लें: विटामिन सी सप्लीमेंट्स लेने से भी यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट है जो एस्कॉर्बिक एसिड के रूप में भी जाना जाता है। यही कारण है कि यह आपके शरीर को फ्री-रेडिकल्स के खिलाफ खुद को बचाने में मदद करता है जो नुकसान पहुंचा सकता है।

अदरक: अदरक में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होता है जो शरीर में यूरिक के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अदरक गाउट से जुड़े दर्द को कम कर सकता है।

अमरूद का पत्ता: अमरूद अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों के लिए जाना जाता है। कुछ लोग पाचन तंत्र और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अमरूद की पत्तियों को सेवन करते हैं। कुछ रिसर्च सोर्स बताते हैं कि अमरूद के पत्तों में एंटी-गाउट गुण भी हो सकते हैं। साथ ही यह यूरिक एसिड भी कंट्रोल कर सकता है।

हल्दी: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह गाउट के कारण होने वाले दर्द और सूजन से भी राहत दिलाने में मदद करते हैं।

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