भोजन पैकिंग करते समय रखे यह ध्यान नहीं तो पड़ सकते है बीमार

यह तो हम सभी जानते हैं कि आहार का स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव पड़ता है और यही कारण है कि वर्तमान में लोग हेल्दी फूड खाने की अधिक सलाह देते हैं। लेकिन अगर खाना पैक करते समय कुछ गलतियां हो जाएं तो हेल्दी फूड भी हानिकारक हो जाती है। अमूमन घरों में खाने की चीजें एल्युमिनियम फॉयल, प्लास्टिक या प्लास्टिक के डब्बों में पैक करना एक तरह से हमारी आदत बन चुकी है। लेकिन यही आदतें लोगों को बीमार बना रही हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

पानी को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक की बजाए स्टील, मिट्टी, कांसे या तांबे की बोतल का इस्तेमाल करना चाहिए। ठीक इसी तरह भोजन भी प्लास्टिक के बर्तन में रखें नहीं। जब खाने की चीजें उस मटैरियल के संपर्क में आती हैं। जिसमें उन्हें पैक किया जाता है, तो उस मटैरियल की क्वालिटी खाने में आने लगती है। खासकर तब, जब हम गर्म खाना पैक करते हैं। लेकिन जब हम खाने की चीजें प्लास्टिक या एल्यूमिनियम फॉयल में पैक करते हैं, तो नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल खाने में मिल जाते हैं। प्लास्टिक से जीनो एस्ट्रोजन नाम के खतरनाक रसायन निकलते हैं, जिससे हार्मोनल गड़बड़ी होती है। खासकर बच्चों के ग्रोथ में बाधा आती है।

हालांकि, आप सोचेंगे कि प्लास्टिक की कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हे हम बचपन से इस्तेमाल करते आ रहे हैं जैसे कि टिफिन बोतल और किचन में इस्तेमाल होने वाले बाकि बर्तन लेकिन आपको बता दें सुरक्षित प्लास्टिक जैसी कोई चीज नहीं होती। इतना ही नहीं, फूड पैकेजिंग के लिए भी प्लास्टिक का इस्तेमाल सीधा आपको मुकसान पहुंचाता है।

आज हर किचन में एल्युमीनियम फॉयल मिल जाएगी और लोग बड़े चाव से इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ इसका इस्तेमाल ना करने की सलाह देते हैं। एल्युमिनियम फॉयल से खाने में एल्युमिनियम आ जाता है, जो शरीर में पहुंच कर जिंक को रिप्लेस करने लगता है। जबकि इंसुलिन फंक्शन के लिए जिंक बेहद जरूरी होता है।

कई स्टडी में बताया जा चुका है कि हाई एल्युमिनियम इनटेक अल्जाइमर की वजह बन सकता है। रोजाना एल्युमिनियम फॉयल के इस्तेमाल से ब्रेन सेल्स की ग्रोथ रेट घटती है। एल्युमिनियम फॉयल में कुकिंग से आपकी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं. सेंट्रल नर्वस सिस्टम तक डैमेज हो सकता है।