पालक खाएं तो आपके डायबिटीज को नियंत्रित रखेगा, जानिए इसके फायदे

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक पालक डायबिटीज के लिए सुपरफूड है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए। हरे पालक में विटामिन, खनिज और फाइटोकेमिकल्स प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है जिसके कारण शुगर लेबल कंट्रोल रहता है। साथ ही इसमें कैलोरी की मंत्र सामान्य तौर पर कम होता है। आगे जानते हैं कि डायबिटीज को नियंत्रित रखने में पालक किस प्रकार सहायक साबित होता है।

कैलोरी: एक कप पालक के जूस में कैलोरी की मात्रा केवल सात होती है। पालक में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होने के कारण डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह बहुत लाभकारी है। इसके अलावा पालक मधुमेह रोगियों के वजन को भी कंट्रोल करता है। अगर आपका वजन अधिक है तो आपके शरीर का वजन केवल 5 प्रतिशत से 10 कम होने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। साथ ही साथ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रखता है।

कार्बोहाइड्रेट: पालक में कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में पाया जाता है। 5 ग्राम प्रति कप पालक में केवल 0.83 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। बहुत कम कार्बोहाइड्रेट होने के कारण यह डायबिटीज रोगियों के लिए लाभदायक होता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार एक स्वस्थ डायबिटीज आहर में 45 ग्राम से 65 ग्राम कार्बोहाइड्रेट शामिल हैं। कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। इसलिए आहार में कार्बोहाइड्रेट के सेवन को नियंत्रित रखना होगा।

डायबिटीज के आहार में एक दिन कम से कम पांच बार गैर-स्टार्च वाली सब्जियों को शामिल करना चाहिए। पालक डायबिटीज आहार के लिए एकमात्र खाद्य पदार्थों में से एक है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें बहुत कम कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं।

सादा कच्चे पालक में 0 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है और वसा 0.12 ग्राम होता है। इसलिए इसे संतुलित बनाए रखने के लिए पालक में मक्खन या अन्य वसा वाले पदार्थों को मिलाने से बचें।

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