अगर आपको ज़्यादा आता है पसीना, तो करें ये घरेलु उपचार

अधिक पसीना शरीर में रक्त की कमी से भी आ सकता है। किसी को यह रोग वंशानुगत भी होता है एवं हृदय रोग की वजह से भी अधिक पसीना आता है। उच्च रक्तचाप भी इसका एक कारण है। यदि खून की कमी व दुर्बलता की वजह से पसीना आता है तो निम्न दवाइयाँ ली जा सकती हैं। व अन्य कारणों के लिए पूर्ण जाँच के द्वारा ही चिकित्सा की जानी चाहिये।

इसके लिए आयुर्वेदिक उपचार

अरहर की दाल, नमक और सौंठ मिलाकर छौंक कर मालिश करने से पसीना आना बन्द हो जाता है। सन्निपात की अवस्था में पसीना आने पर भी यह प्रयोग कर सकते है।

यदि अधिक नमक आने से पसीने व पेशाब में दुर्गन्ध आती हो तो दुर्गन्ध से बचने के लिए नमक कम-से-कम खाना चाहिये। नमक खाने से कोषाणु मरते हैं और मरे हुए कोषाणु पसीने के साथ छिद्रों से बाहर निकलते हैं तो तेज दुर्गन्ध आती है।

शरीर से पसीना ज्यादा आए, हाथ की हथेली और पैर के तलुओं से पसीना ज्यादा आए तो पैर के तलुओं में मेहँदी लगानी चाहिए। बाल हरड़ को कूटपीसकर कपड़छन महीन चूर्णकर भस्मी की तरह शरीर पर लगाना चाहिए।

बरगद के पके पीले ग्यारह पत्तें ले और पच्चीस ग्राम चावलों के साथ आधा लीटर पानी में उबलने रख दें। दस मिनट बाद उतार कर इसे स्वच्छ कपड़े से कसकर निचोड़ लें। यह भांग गर्म ही पी लें, पसीना खुलकर आने लगेगा।

सोंठ के पाउडर को गरम कर हल्का-हल्का शरीर पर मलें। पसीना आना बंद हो जायेगा।