अगर आपके आँखों से भी निकलते है आंसू तो यह खबर अवश्य पढ़ें

नलिकाओं की रुकावट आँखों में पानी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। आंखों के बाहरी भाग पर एक तरल द्रव्य की बहुत ही महीन परत होती है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक होता है। लेकिन सर्दियों में चलने वाली ठंडी हवाएं आंखों की इस परत को वाष्पित कर ड्राई-आई की स्थिति उत्पन्न कर देती है।

  • आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग हैं और इनकी सही देखभाल बहुत आवश्यक है। खासकर सर्दियों में यदि आंखों मे जलन, धुंधलापन या देखने में किसी अन्‍य तरह की दिक्‍कत आने पर इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करना आपकी मजबूरी हो सकती है, लेकिन घर पर नहीं।
  • घर पर कंप्यूटर, मोबाइल से पूर्ण्तः दूरी बनाकर रहें। खाने में जितना हो सके पोषक तत्व और प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मछली, फल आदि खूब खाएं। इन्हें खाने से आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम की गंभीर समस्‍या नहीं होती है।
  • आंखों की रोशनी पूरी तरह से सही है या पढ़ने के दौरान भी कोई भी समस्या महसूस नहीं होती, फिर भी साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं। वहीँ प्रत्येक सेकंड कम से कम तीन से चार बार अपनी पलकों को बीच-बीच में झपकाते रहें। इससे आंखें तरोताजा और तनाव मुक्त रहती हैं। ऐसा करने से आंखों पर स्ट्रेन भी कतई नहीं पड़ेगा।

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