अगर आप लगातार हिलाते हैं पैर, तो इस बीमारी के हो सकते हैं शिकार

बहुत से लोगों को बैठे-बैठे पैर हिलाने की आदत होती है। आमतौर पर लोग इसे अच्छा नहीं मानते। लेकिन कुछ लोगों को सोते समय भी पैरों में कंपन, खिंचाव या दर्द होता है। यह एक न्यूरोलॉजिकल डिजीज है, जिसे रेस्टलेस लेग सिंड्रोम कहा जाता है। जिसका समय रहते उपचार कराना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे से जुड़ी जानकारियां…

इस बीमारी के लक्षण बढ़ती उम्र के बाद नजर आते हैं। आमतौर पर चालीस या उससे अधिक उम्र के लोगों को यह शिकायत होती है। जिस तरह अर्थराइटस में लोगों को पैरों में दर्द की शिकायत होती हैए रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होने पर दर्द के साथ कंपन, झनझनाहट और बेचैनी महसूस होती है। इसमें लोगों की नींद भी बाधित होती है।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम में व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसके पैरों के भीतर कुछ रेंग रहा है। इसके बाद पैरों को हिलाने पर थोड़ा आराम महसूस होता है। इसलिए ऐसे मरीज अनजाने में ही अपने पैर हिला रहे होते हैं। ऐसे में सोना या बैठने का आप सोच भी नहीं सकते क्योंकि इससे तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं ऐसे में अगर आप उठकर थोड़ा चलेंगे तो आपको राहत महसूस होगी।

इसके उपचार के लिए आवश्यक है कि आप अपनी डाइट में थोड़े बदलाव करें। ऐसे लोगों को अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जि़यों, अंडा, चिकन और मिल्क प्रोडक्ट्स को शामिल करना चाहिए।