बच्चों के दिमाग को बनाना है एक्टिव तो करे ये

बच्चों के पढ़ने के दौरान उनसे बीच बीच में थोड़ी बात करने से उनका मस्तिष्क बेहतर रूप से एक्टिव हो सकता है। किसी पुस्तक को सिर्फ जोर-जोर से पढ़ना ही बच्चे के विकास के लिए काफी नहीं है। अक्सर जब आप बच्चो को कहानी सूना रहे होते हैं तब कहानियां सुनाने के दौरान अगर बच्चो से बातचीत की जाय तो एक्टिवनेस बढ़ जाने की पूरी संभावना है। इससे उनकी अवलोकन करने की क्षमता व् विचार करने की क्षमता को बढ़ावा मिलता है। जो की उनके सम्पूर्ण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पढ़ाई के दौरान हलकी फुलकी बात – चीत आपके बच्चे के मस्तिष्क की एक्टिवनेस को बढ़ा सकता है या साक्षरता कौशल का विकास तेज कर सकता है। माता-पिता के लिए यह जरुरी है कि उन्हें अपने बच्चों के पढ़ने के दौरान उनसे सवाल पूछने चाहिए, उन्हें पन्ने पलटने को कहना चाहिए और आपस में बात करनी चाहिए। इसके लिए सिर्फ पौष्टिक खाना ही काफी नहीं है।