पैरो को बनाना है सुन्दर तो अपनाएं ये उपाय

अक्सर हमारा चेहरा और हाथ तो देखने में सुन्दर लगते हैं और इनकी त्वचा भी अच्छी रहती है लेकिन कम ही लोग अपने पैरों पर ध्यान देते हैं जिसके कारण पैर में इन्फेक्शन या दाने जैसी समस्या हो जाती है इसे मेडिकल साइंस में वैरिकोस वैन्स कहते हैं।

 

आख़िर क्या है वैरिकोस वैन्स

इस बीमारी में पैर की नसों के वाल्व कमज़ोर हो जाने के कारण रक्त गुरुत्वआकर्षण की वजह से नसों में एकत्रित होने लगता है और नसें मोटी ओर नीली दिखने लगती है कभी कभार इन नसों में गाँठ सी दिखती है और मरीज़ को काफ़ी पीड़ा का सामना करना पड़ता है। ये बीमारी पुरुषों में ज़्यादा पायी जाती है।
कुछ मुख्य कारण 

बहुत ज़्यादा चलना फिरना देर तक खड़े रहना बचपन से नसों की सतह का कमज़ोर होना लिवर में ख़राबी पुराना क़ब्ज़ स्त्री में बार बार गर्भ ठहरना वारिकोस वैन्स का इलाज समय रहते शुरू कर देना की सलाह दी जाती है अथवा जाए रोगी की मृत्यु भी हो सकती है।
आइए जाने वैरिकोस वैन्स के कुछ विभिन्न घरेलू तथा मेडिकल चिकित्सा द्वारा किए  जाने वाले उपचार
दबाव वाले मोज़े –  जब नसे मोटी हो जाती है ओर रक्त इन नसों में एकत्र होने लगता है तो दबाव वाले मोज़े को पहन के इन नसों पे बाहर से दबाव डाला जाता है। ये मोज़े पैर पे पूरी तरह चिपक जाते है ओर नसों को दबा के उन में सिकुड़न पैदा कर के फिर से रक्त का संचालन शुरू करते है।
सर्जिकल या लेज़र विधि द्वारा इलाज  – इन विधि में लेज़र या सर्जरी की मदद से ख़राब हुई नसों को निकाल के बाहर कर दिया जाता है ओर जहाँ से नस को काटा जाता है उस छोर को लेज़र की किरणो की मदद से बंद कर दिया जाता है ताकि रक्त ना निकले। इस विधि से इलाज करवाने में रोगी को पूरी तरह ठीक होने में 3 से 5 माह का समय लग जाता है।
कुछ घरेलू तथा अचूक नुस्ख़े
ज़ैतून का तेल 2 चम्मच दालचीनी पिसी 1 ग्राम का मिश्रण पेरों में मसाज़ करें इससे पीड़ा में अर्क मिलेगा ओर रक्त का बहाव तेज़ होगा।
ऐपल सीडर सिरका- इसका मसाज़ कम से कम आधा घंटा पैरों पर करें जहाँ वैरिकोस वैन्स हो। इस मसाज़ से वरिकोस वैन्स से बहुत जल्दी आराम मिलेगा ओर इस सिरके को खाने के साथ भी उपयोग कर सकते है। ज़ैतून के तेल में लहसुन और प्याज़ का रस  निकाल के उसने अजवाइन का तेल मिला ले। 2 घंटो के लिए रखे फिर मसाज़ करे जहाँ जहाँ नसों की दिक़्क़त हो बहुत जल्दी आराम मिलेगा।
बदले ख़ुद को बदल जाएगा जीवन
किसी भी रोग को अपने से दूर करने के लिए ज़रूरी है हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव लाना होगा। सुबह जल्दी उठे सुबह की ताज़ा हवा हमारे शरीर में रक्त संचालन  को ठीक करती है। वैरिकोस वैन्स की बीमारी में रक्त संचालन का बहुत बड़ा महत्व है इसलिए कोशिश करें सुबह जल्दी उठे। सुधारें खान पान- ज़्यादा चिकना तला भुना खाने से रक्त संचालन ओर मटैबलिज़म कमज़ोर होता है इसलिए संतुलित आहार खाए। और भोजन में नमक की मात्रा कम करे। ज़्यादा नमक यानी ज़्यादा सोडीयम जो के वैरिकोस वैन्स में एक सज़ा है।
दूर रहें तम्बाकू और शराब से
तम्बाकू और शराब से नसे कमज़ोर होती है। तम्बाकू या शराब से लिवर हृदय ओर फेफड़े ज़्यादा अधिक ग्रस्त होते है। इन तीनों ऑर्गन का सम्बंध सीधे नसों है। ऑक्सिजन ओर कार्बन डाई आक्सायड का आदान प्रदान फेफड़ों के ज़रिए होता है। फेफड़ों स्वस्थ होंगे तो नसों में ज़्यादा ऑक्सिजन रहेगी ओर नसों को पर्याप्त मात्रा में नूट्रिशन पर्याप्त होता रहेगा ओर नसे स्वस्थ रहेंगी। किसी भी रोग का इलाज चिकित्सक करता है परन्तु उसका प्रिवेन्शन हम कर सकते है इसलिए अपनी दिन चर्या सुधरे नियमित आहार खाए व्यायाम ज़रूर करें तम्बाकू या मदिरा का उपयोग ना करे ज़्यादा पानी पिए ओर रोज़ सुबह कम से कम 1 चम्मच शहद ज़रूर खाए।