ऐंटीबायॉटिक्स के गलत प्रयोग से लोगों में बढ़ रहा है कई बीमारी का खतरा!

यूनाइटेड नेशन की संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इंसानी सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक बैक्टीरियाज के 12 किस्मों की लिस्ट को जारी की है। भारत के लिए इसमें बुरी खबर यह है कि ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोधी प्रायॉरिटी पैथोजन्स वाली इस लिस्ट के 12 सुपबग्स देश में भी पाए जाते हैं।

WHO ने इस लिस्ट को जारी करने के कारण बताते हुए कहा कि इस लिस्ट को जारी करने का उद्देश्य नए ऐंटीबायॉटिक्स के क्षेत्र में रिसर्च और डिवेलपमेंट को बढ़ावा देना है। संगठन के सहायक डायरेक्टर जनरल मैरी-पॉल कीनी ने कहा, ‘ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोधी बढ़ रहे हैं और हम उनकी काट नहीं खोज पा रहे हैं। अगर हम इसे मार्केट पर छोड़ देते हैं तो नए ऐंटीबायॉटिक्स जिनकी हमें तुरंत जरूरत है वे नहीं बन पाएंगे।’

कुछ दिनों पहले अमेरिका की एक वृद्ध महिला की मौत बोन फ्रैक्चर के इलाज के समय इन्फेक्शन होने के कारण हो गई थी। महिला को 2 साल पहले दिल्ली में इलाज के लिए लाया गया था। टेस्ट से पता चला कि अमेरिका में मौजूद कोई भी ड्रग या ड्रग्स का कॉमबिनेशन उस इन्फेक्शन से बचाने में काम नहीं आ सकता।

दिल्ली के टॉप अस्पतालों के एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मामलों में बढ़ोतरी ऐंटीबायॉटिक प्रतिरोधी के कारण ही हो रही है। दुनिया की सबसे विकसित लैब वाले CDC अटलांटा ने जब उस महिला के घावों पर टेस्ट किए तो पाया कि उसमें नई दिल्ली मेटालोबीटा-लैक्टमेज (NDM) है। यह सुपरबग बैकटीरिया को ऐंटीबायॉटिक के लिए प्रतिरोधी बना देता है।

WHO की लिस्ट में ड्रग प्रतिरोधी बैक्टीरिया को 3 श्रेणियों में बांटा गया है। सबसे खतरनाक ग्रुप में मल्टीड्रग प्रतिरोधी बैक्टीरिया है जो अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और मरीजों में हो सकता है जो वेंटीलेटर्स या अन्य डिवाइसेज का प्रयोग करना पड़ रहा होता है।

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