समावेशी कक्षा सभी को असंख्य अनुभव और दृष्टिकोण से लाभान्वित करती हैः प्रधान

The Union Minister for Petroleum & Natural Gas and Steel, Shri Dharmendra Pradhan holding a press conference on Cabinet Decisions, in New Delhi on December 30, 2020.

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देने के साथ समान और समावेशी शिक्षा पर केंद्रित है।

प्रधान ने सोमवार को दून स्कूल द्वारा आयोजित 82वें इंडियन पब्लिक स्कूल्स कॉन्फ्रेंस (आईपीएससी) के प्रधानाचार्यों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा एक समावेशी कक्षा सभी को असंख्य अनुभव और दृष्टिकोण से लाभान्वित करती है, साथ ही देश के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों को समझती है।

उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी स्कूलों से आग्रह किया,“हमारे अग्रणी स्कूल कितने समावेशी हैं और देश के प्रत्येक बच्चे को सर्वोत्तम शिक्षा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए उन्हें आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए।”

प्रधान ने जोर देकर कहा कि यह हम में से प्रत्येक का कर्तव्य है कि हम अपने बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार देने के लिए सबसे अच्छा काम करें, उन्हें उनकी पूरी क्षमता के उपयोग करने को लेकर मार्गदर्शन करें और इस तरह हमारे देश और दुनिया को बेहतर और अधिक समावेशी स्थान बनाएं। 1939 में आईपीएससी की स्थापना की गयी थी।

इसका मकसद पब्लिक स्कूलों को ऐसी परंपराएं बनाने में मागदर्शन देना है जो अच्छी तरह से शिक्षा देकर छात्रों के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं।

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