ओपन सेक्शन के सातवें राउंड में होगा भारत-ए और भारत-सी का सामना

देश की दो टीमें- भारत-ए और भारत-सी शुक्रवार को तमिलनाडु के मामल्लापुरम में जारी 44वें शतरंज ओलंपियाड के ओपन सेक्शन के सातवें राउंड के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले की बात की जाए तो टीम ए का पलड़ा भारी दिख रहा है लेकिन यह भी अहम है कि भारत-सी टीम किसी भी उलटफेर में सक्षम है। टीम की रणनीति एक प्रमुख पहलू होगी क्योंकि यह देखा जाना बाकी है कि सबसे महत्वपूर्ण राउंड के लिए किन खिलाड़ियों को आराम दिया जाएगा। टीम ए ने अब तक एक भी मैच नहीं गंवाया है और हर मैच में चढ़कर खेली है। विदित गुजराती और अर्जुन एरिगैसी जैसे शीर्ष खिलाड़ी अपने लय में नहीं दिख रहे हैं।

उधर, भारत-बी का मुकाबला क्यूबा से होगा। क्यूबा की टीम ने पिछले राउंड्स में कई टीमों को चौंकाया है। डी. गुकेश ने भारत-बी के लिए अब तक अजेय रहते हुए लगातार छह मैच जीते हैं। वह शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं।

भारत में पहली बार हो रहे इस वैश्विक इवेंट का अंतिम हाफ तीव्र और रोमांचक मुकाबलों से भरा होगा। और यह एक बड़ा सवाल है कि कौन सी टीमें इस अवसर पर आगे बढ़कर अधिक से अधिक अंक अपने नाम कर सकती हैं। ओलंपियाड के अंतिम कुछ राउंड्स में क्रम परिवर्तन और संयोजन अक्सर गड़बड़ा गए हैं, लेकिन एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि औसत रेटिंग से ऊपर का प्रदर्शन ही किसी भी टीम की पदक जीतने की संभावनाओं को बढ़ा सकता है।

44वें शतरंज ओलंपियाड में छह राउंड पूरे होने के बाद, भारत-ए और आर्मेनिया क्रमशः महिला और ओपन वर्ग में एकमात्र लीडर्स के रूप में उभरे हैं। महिला वर्ग में भारत-ए ने लगातार छह जीत के साथ अपनी शीर्ष वरीयता क्रम को जायज ठहराया है। उसके खाते में 12 अंक हो गए हैं। छठी वरीयता प्राप्त अजरबैजान और 20वीं वरीयता प्राप्त रोमानिया 11-11 अंकों के साथ ठीक उसके पीछे हैं।

ओपन सेक्शन की कहानी बिल्कुल जुदा है। यह एक रोलर कोस्टर राइड की तरह रहा है। इसमें 12वीं वरीयता प्राप्त आर्मेनिया ने 12/12 स्कोर के साथ एकल रूप से बढ़त हासिल की हुई है। सितारों से सजी अमेरिकी टीम 11 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि भारत-ए और भारत-बी अलावा नौ अन्य टीमों ने 10-10 अंक जुटाए हैं।

भारत-ए महिला टीम ने एकजुट इकाई के रूप में प्रदर्शन किया है। टीम को जब भी जीत की जरूरत हुआ है, हर एक खिलाड़ी ने आगे आकर उसे मुश्किल से निकाला है। अब उसका सामना बाकी बचे पांच मैचों में अजरबैजान, यूक्रेन, पोलैंड और आर्मेनिया जैसी मजबूत टीमों से होगा। भारत-ए टीम को बस इतना करना है कि वह अपने गेम प्लान पर टिकी रहे और जैसा उसने अब तक किया है, वैसा ही प्रदर्शन करे।

भारत-बी और भारत-सी नीचे खिसक गए हैं, लेकिन उन्हें इस तथ्य से बल मिल सकता है कि अगर वे जीत पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो अंतिम कुछ राउंड में वे नाटकीय उलटफेर ला सकते हैं।

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