चीन के रवैये पर भारत को संदेह, विवाद को लंबा खीचकर नए फ्रंट खोलना चाहता है ड्रैगन

चीन के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है। दोनों देशों के बीच कई मर्तबा सैन्य व कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो चुकी है। लेकिन इन सब के बावजूद चीन के रवैये पर भारत को संदेह हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक चीन इस विवाद को शांत करने के मूड में नहीं है और वह इस विवाद को लंबा खींचकर नए फ्रंट खोलना चाहता है। साथ ही गलवान इलाके में ठंड तक अपनी सेनाओं की मौजूदगी और कुछ नई हरकतों को अंजाम दे सकता है।

वही दूसरी तरफ भारत जमीनी हालत पर नजर रखे हुए है। जानकारों का कहना है कि चीन हर सहमति और समझौते की जमीन पर अपनी सुविधा को देखते हुए व्याख्या करता है। इस बार चीन की नजर नए इलाकों पर है जोकि उसकी खतरनाक मंशा की तरफ इशारा करती है। भारत न सिर्फ लद्दाख बल्कि चीन से सटे अन्य भारतीय क्षेत्रों को लेकर भी चिंता में है। हालांकि, भारत ने चीन से हर स्तिथि में नियंत्रण रेखा का कड़ाई से पालन करने की दो टूक बात कही है।

कुछ दिनों पहले सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद कही ना कही दोनों सेनाएं आपस में भरोसा कायम नहीं कर पा रही है। बुधवार को संयुक्त सचिव स्तर की बातचीत में भारत ने चीन को नियंत्रण रेखा का कड़ाई से पालन करने और सहमति का ईमानदारी से पालन करने की नसीहत दी है। दोनों पक्षों की तरफ से सैन्य व कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर भी सहमति बनी है।

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