वैक्सीन के लिए भारत की वैश्विक योजना तैयार, मजबूत होंगे पड़ोसियों से संबंध

मोदी सरकार कोरोना वैक्सीन के लिए कम से कम पांच अलग-अलग तरीके अपनाने पर विचार कर रही है। जिसमें फ्री वैक्सीन से लेकर गारंटीड सप्लाई भी शामिल है। इसके तहत भारत सरकार पश्चिमी एशिया में अपने पड़ोसी देशों, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की भी मदद करेगा। यह जानकारी नाम न छपने की शर्त पर इस योजना से जुड़े अधिकारियों ने मीडिया को दी है। इसके पीछे सरकार की मंशा दूसरे देशों से अपने राजनायिक संबंधों को मजबूत करना है।

अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार चाहती है कि देश की प्रतिष्ठा दुनिया के लिए वैक्सीन फैक्टरी के तौर पर उभर कर आए। बता दे भारतीय कंपनियां दो वैक्सीन पर काम कर रही हैं, जो अभी क्लिनिकल ट्रायल पर हैं। इनका प्रबंधन बड़े स्तर पर किया जायेगा, इसलिए इसमें सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया को शामिल किये जाने की संभावना है। बता दे सीरम फिलहाल तीन कंपनियों के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन बना रहा है जिसमें एस्ट्राजेनेका भी शामिल है।

एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना को अभी आधिकारिक रूप देना बाकी है। कहा जा रहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति के लिए भारत की तरफ से तय किये गए किसी भी मंच को लाइसेंसिंग समझौतों का सम्मान करना होगा। जिसके तहत यह तय होगा कि वैक्सीन कहां बेची जा सकती है और कहां नहीं। अधिकारियों ने बताया कि वैक्सीन आपूर्ति की इस योजना में पड़ोसी देशों को शामिल करने में सावधानी बरती जाएगी, इसके लिए लगातार अध्यन हो रहा है।

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