भारत को मिला इन दो देशों का साथ,चौतरफा घिरा चीन

लद्दाख में कुछ दिनों से घुसपैठ करने पर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बार-बार समझाने पर भी वह भारतीय सीमा में घुसकर बैठ चुका है । उसकी इस तानाशाही को दिखाता है । चीन ने अपने करीब 5000 से ज्यादा सैनिक तंबू गाड़ कर उसमें में बैठ चुके हैं।

परंतु चीन अब नहीं जानता कि वह 1962 का भारत नहीं है अब यह 2020 का भारत है जो हर एक परिस्थिति में खुद को ढाल सकता है । भारत के पास सुखोई, मिराज जैसे फाइटर प्लेन है , तो वहीं आई एन एस विक्रमादित्य जैसे विमान वाहक पोत। वहीं भारत के पास खुद की एक बड़ी सेना भी है जिससे डरकर चाईना आगे बढ़ने में कतरा रहा है । इसको देखते हुए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे दो बड़े देश ने भारत को सहयोग देने की बात की है ।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा की अब उग्र फैशन वाली तानाशाही नहीं चलेगी। हर एक देश को अपने हद में रहना होगा। भारत अब भी अब भी अपने पहले ना हमला करने की रणनीति पर अडिग है।

फिलहाल भारत ने भी अपने तोपखाने और सुखोई, मिराज ऐसे फायरफाइटर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनात कर दिए हैं। जिससे चीन में खलबली मच गई है । अब देखने वाली बात यह होती है कि चाइना क्या कदम उठाता है। इसी बात को देखते हुए भारत अपना कदम उठाएगा।