भारत खुद मजबूत, सशक्त और सुरक्षित इसलिए विश्वस्तर पर भरोसेमंद: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा कि भारत की संप्रभुता का सम्मान सर्वोपरि है और जिसने भी इस पर आंख उठाई, देश व देश की सेना ने उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया। मोदी ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि संप्रभुता के सम्मान के लिए देश व उसके जवान क्या कर सकते हैं, यह दुनिया ने लद्दाख में हाल ही में देखा। गौरतलब है कि पिछले दिनों लद्दाख में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

दोनों देशों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने गलवां घाटी में चीन के सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आतंकवाद हो या विस्तारवाद, भारत आज इनका डटकर मुकाबला कर रहा है।

मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को मिली अस्थायी सदस्यता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 192 में से 184 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ जो दर्शाता है कि आज दुनिया का भारत पर विश्वास और मजबूत हुआ है। यह हर हिंदुस्तानी के लिए गर्व की बात है। पीएम ने कहा कि विश्व में कैसे हमने अपनी पहुंच बनाई है यह उसका उदाहरण है। यह तभी सम्भव है जब भारत खुद मजबूत, सशक्त और सुरक्षित हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ चाहे वे हमसे जमीन से जुड़े हों या समंदर से, हम अपने संबंधों को और विश्वास के साथ जोड़ रहे हैं। भारत लगातार यही प्रयास कर रहा है कि पड़ोसी देशों के साथ अपने सदियों पुराने सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक रिश्तों को और गहराई दी जाए।

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