चीन के खिलाफ भारत के सख्त रवैये को अमेरिका में मिल रहा जबरदस्त समर्थन

चीन के खिलाफ फैसलों में भारत को अमेरिका का लगातार समर्थन मिल रहा है। लद्दाख में चीन द्वारा हाल में दिखाई गई सैन्य आक्रामकता के खिलाफ भारत को अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय सदस्यों ने भी जबरदस्त समर्थन दिया है। पांच मई से भारत और चीन के बीच चल रहा गतिरोध उस वक्त अधिक आक्रामक हो गया, जब 15 जून को गलवान घाटी में झड़पों में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए और इसमें चीन के भी कई सैनिक मारे गए थे।

भारतीय क्षेत्रों को हथियाने की चीन की कोशिशों के खिलाफ भारत के सख्त रवैये की तारीफ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों के कई सांसदों ने की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद फ्रैंक पैलोन ने प्रतिनिधि सभा में भारत के लद्दाख क्षेत्र में चीन की आक्रामकता की निंदा की। साथ ही चीन से सैन्य आक्रामकता खत्म करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संघर्ष शांतिपूर्ण माध्यमों से ही हल होना चाहिए।

अमेरिका की तरफ से चीन के खिलाफ भारत को समर्थन ट्वीट के जरिए, जन भाषणों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर मिला। कोलोराडो से रिपब्लिकन सीनेटर कोरी गार्डनर ने संधू को फोन कर एलएसी में भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर अपनी संवेदनाएं जताई। सीनेटर रिक स्कॉट ने हफ्तों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चीनी आक्रामकता के खिलाफ उनकी लड़ाई की तारीफ की थी।

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