इंदौर जिले में महज 1.82 फीसदी कोरोना संक्रमित ही हैं अस्पताल में उपचारत

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले कोरोना के सक्रिय मामले भले ही 3100 के पार हो गए हो, लेकिन यहां महज 1.82 प्रतिशत यानी केवल 60 संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता महसूस की गयी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एस सैत्या ने यूनीवार्ता को बताया कि मौजूदा परिदृश्य में सामने आ रहे संक्रमितों में से 98 प्रतिशत से ज्यादा गैर-लक्षण वाले लोग हैं। इन्हें एहतियातन अपने घरों में स्वयं को पृथक करने की हिदायत देकर आवश्यक दवाएं नियमित लेने की सलाह दी जा रही है। अस्पताल में भर्ती होने के लिए हम केवल ऐसे संक्रमितों को कह रहे है जिन्हे पहले से कोई साध्य- असाध्य रोग हो, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता हो या छोटा घर होने की वजह से जो स्वयं को परिवार के अन्य लोगो से पृथक करने में असमर्थ है।

सीएमएचओ ने बताया जिले के विभिन्न निजी और शासकीय अस्पतालों में दस हजार से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता, ऑक्सीजन के मामले में 40 से ज्यादा आत्मनिर्भर अस्पतालों के साथ हम कोरोना की तीसरी लहर से पार पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मौजूदा स्थिति में केवल 60 संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने के साथ लगभग 65 संक्रमित ऐसे है जिन्हे खंडवा रोड स्थित राधास्वामी सत्संग केंद्र स्थित अस्थाई कोरोना केंद्र पर रखा गया है।
उन्होंने बताया छोटा घर, आर्थिक अक्षमता और अन्य कारणों से होम आइसोलेशन में रह पाने में अक्षम नागरिकों के लिए 600 बिस्तरों की क्षमता वाला यह अस्थाई केंद्र तैयार किया गया है। राधा स्वामी सत्संग केंद्र में स्थापित इस अस्थाई कोविड केंद्र की क्षमता बढ़ाकर 1200 बिस्तर की किये जाने की हमारी तैयारी है। इसके साथ ही निजी और शासकीय अस्पतालों को दस प्रतिशत बिस्तर कोरोना के लिए आरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यहां अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर आवाजाही करने वाले सभी यात्रियों को दस दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी गई है। विदेश से आ रहे यात्रियों की आवश्यक रूप से यहां कोरोना की जांच की जा रही है। वहीं, संक्रमित आने पर इनके संपर्क में रहे लोगों को भी निगरानी के दायरे में लाया जा रहा है। नागरिकों से कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की जा रही है।