बदलते वातावरण में सेनिटाइजर सही है या साबुन?

वर्तमान समय में हर तरह के नये नये प्रोडक्ट का इस्तेमाल हर घर में हो रहा हैं। हम बात कर रहे हैं सेनिटाइजर की। ज्यादातर लोग कीटाणुओं से बचने के लिए आजकल सेनिटाइजर का ही ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। क्येांकि जो साबुन पहले प्रयोग में आता हैं वो एक हाथ से दूसरे हाथ से जाता हैं और कीटाणुओं का एक से दूसरे हाथ से सम्पर्क में आने से बिमारियों का खतरा बहुत ज्यादा ज्यादा बना रहता हैं।

लेकिन इसके स्थान पर आजकल लोग सेनिटाइजर का यूज ज्यादा करते हैं और ये भी आपके बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता हैं।ये एक शोध में साबित हेा चुका हैं। इस शोध में पाया गया हैं कि जो बच्चे रोजाना सेनिटाइजर का प्रयोग करते है उनमें पेट दर्द ,दस्त और आंखों में जलन जैसी बिमारियां ज्यादा पायी जाती हैं।

इस अध्ययन के अनुसार अध्ययनकर्ताओं ने 2011 से 2014 के बीच हैंड सेनिटाइजर से प्रभावित लगभग 70 हजार बच्चों पर अध्ययन किया, जिनमें करीब 12 प्रतिशत बच्चों की आंखें भी प्रभावित हुई थी। अध्ययन के अनुसार 91 फीसदी मामलों में हैंड सेनिटाइजर का दुष्प्रभाव पाया गया हैं जिनमें बच्चों की उम्र पांच साल से कम होती है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने उन छोटी उम्र तक के बच्चों को हाथ धौने या साफ करने लिए साबुन और पानी का प्रयोग करना ज्यादा सही बताया।