क्या आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल है, जानें घर में ही सही तरह से BP मॉनिटरिंग कैसे करें

बढ़ते तनाव और बदलते लाइफस्टाइल ने कम उम्र में ही क्रोनिक बीमारियों का शिकार बना दिया है। ब्लड प्रेशर भी एक ऐसी बीमारी है जिसे कंट्रोल नहीं किया जाए तो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ब्लड प्रेशर के मरीज़ों के लिए अपना बीपी कंट्रोल करना जरूरी है।

ब्लड प्रेशर का कम और ज्यादा होना दोनों ही खतरनाक है। कुछ लोग लो ब्लड प्रेशर तो कुछ हाई ब्लड प्रेशर के शिकार होते है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए उसकी जांच करना बेहद जरूरी है। मसरूफियत की जिंदगी में ब्लड प्रेशर चेक कराने के लिए रोज़ डॉक्टर के पास जाना संभव नहीं है, इसलिए घर में ही ब्लड प्रेशर चेक करके आप बीपी की स्थिति का पता लगा सकते हैं।

सटीक ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए आपकी शारीरिक गतिविधि, आपके खाने का समय, आपकी दिनचर्या अहम रोल निभाती है। अगर आप घर में ब्लड प्रेशर चेक कर रहे हैं तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं कि घर में ब्लड प्रेशर चेक करते समय किन बातों का ध्यान रखें।

ब्लड प्रेशर को कैसे समझे:

ब्लड प्रेशर मापने से पहले आपको ये पता होना चाहिए कि नॉर्मल ब्लड प्रेशर क्या है, और हाई ब्लड प्रेशर क्या है। ब्लड प्रेशर मापने के लिए दो नंबर होते हैं सिस्टोलिक (ऊपर का) और डायस्टॉलिक (नीचे का)। ब्लड प्रेशर को पारा के मिलीमीटर में मापा जाता है।

सामान्य ब्लड प्रेशर:

120/80 मिमी एचजी से कम ब्लड प्रेशर को सामान्य माना जाता है। जब ब्लड प्रेशर 130−139 मिमी एचजी हो तो हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता है।

घर पर अपना बीपी चेक करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

स्टीक ब्लड प्रेशर मापना चाहते हैं तो ब्लड प्रेशर चेक करने से आधा घंटे पहले ही कैफीन युक्त चीज़ों का सेवन करना बंद कर दें।

बीपी चेक करने से पहले आप नशीले पदार्थों का सेवन करने से भी बचें। शराब, तम्बाकू और एक्सरसाइज करके ब्लड प्रेशर चेक नहीं करें।

बीपी चेक करने से पहले आप अपने पैरों को फर्श पर सपाट करें फिर बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर टिकाएं, और अपनी बांह को एक टेबल या अन्य सपाट सतह पर सीधा रखें।

बीपी चेक करने के लिए कफ को नंगे हाथ के ऊपरी भाग के चारों तरफ लपेटें। कफ का केंद्र धमनी के ऊपर रहना चाहिए।

मैनुअल मॉनिटर के साथ कफ को फुलाने के लिए बल्ब को निचोड़ना होता है, और फिर कफ को धीरे-धीरे डिफ्लेट करना होता है। बटन दबाने पर स्वचालित मॉनिटर अपने आप फूल सकता है।

डिस्प्ले विंडो पर ऊपर और नीचे की रीडिंग जांचें। हर बार जब आप बीपी मापते हैं तो अपना ब्लड प्रेशर लिखें ताकि आप इसे समय के साथ ट्रैक कर सकें।

यह भी पढ़ें- सूर्य नमस्कार के साथ रोजाना चंद्र नमस्कार का अभ्यास भी देता है कई तरह के शारीरिक लाभ