यह भी हो सकता है गठिया का एक कारण

उंगलियां चटकाने से इसके आसपास की मसल्स को काफी आराम मिलता है। उंगलियां चटकाने की आदत हर दूसरे इंसान को होती है। कई लोग तो गर्दन की हड्डियां भी सुबह-सुबह उठकर चटकाते हैं। जबकि इस तरह से हड्डियों को या उंगुलियों को चटकाना काफी नुकसानदेह होता है। तो आइए आज जानते हैं उंगुली चटकाने से होने वाले नुकसान और इसे छोड़ने के तरीके :-

हो सकता है गठिया

उंगलियों को चटकाने से गठिया जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है।इन जोड़ों के बीच एक लिक्विड होता है, जो उंगुलियों के चटकने के दौरान कम हो जाता है। ये लिक्विड जोड़ों में लुब्रिकेंट की तरह होता है। ये हडि्डयों को आपस मे रगड़ खाने से रोकता है। ऐसे में बार-बार उंगलियां चटकाने से जोड़ों की पकड़ कमजोर हो जाती है। साथ ही हडि्डयों के जोड़ पर मौजूद टिश्यू भी नष्ट हो जाते हैं।

ऐसे पड़ती है आदत

लगभग हर इंसान को ये आदत होती है जबकि इस बारे में कोई किसी को सिखाता भी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि ये आदत कैसे पड़ती है? दरअसल उंगलियों को चटकाने से जोड़ों के आसपास की मसल्स और हाथों को आराम मिलता है। इसलिए लोग लिखते-पढ़ते या ऑफिस व अन्य जगह में बैठे-बैठे ही उंगलियां चटकाने लगते हैं।

इस तरह से रोकें

उंगलियां चटकाने की आदत को रोकना बहुत जरूरी है। इस आदत को रोकने के लिए ध्यान दें। कोई भी काम करते हुए खुद पर फोकस करें। अगर आप कभी गलती से उंगलियां चटकाने लगते हैं तो तुरंत छोड़ दें। चाहे उंगुलियां कितनी भी दर्द दे रही हो।

हाथों को व्यस्त रखें

उंगलियां चटकाने से खुद को रोकने के लिए अपने हाथों को बिजी रखें। कई बार लोग खाली वक्त में बस में बैठे-बैठे भी उंगलियां चटकाने लगते हैं। ऐसी स्थिति में उंगलियां चटकाने के बजाय पेंसिल या सिक्के से खेलना शुरू करें या फिर ऑफिस में बैठे-बैठे ऐसा करते हैं तो उस समय कुछ लिखने लगें या ड्राइंग बनाने लगें। इससे आपके दिमाग का फोकस दूसरी तरफ जाएगा और कुछ ही दिनों में आपकी उंगुलियां चटकाने की आदत छूट जाएगी।

निश्चित रूप में उंगलियां चटकाने से थोड़ा आराम मिलता है लेकिन लंबा समय से ऐसा करने पर हड्डियों पर गलत प्रभाव पड़ता है। अगर उंगलियों में दर्द होता है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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