राजद के दलित वाले पासे का जवाब देने के लिए आगे आयें जदयू के मंत्री अशोक चौधरी

राजद के दलित वाले चाल को मात देने के लिए जदयू के दलित नेता भी लग गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि श्याम रजक ने राजद ज्वाइन करने के बाद नीतीश कुमार पर दलितों के अपमान करने का आरोप लगाया था। अब उनके जबाब देने के लिए नीतीश कुमार सरकार के दलित नेता अशोक चौधरी सामने आ गए हैं। अशोक चौधरी ने श्याम रजक के सवाल का माकूल जवाब दिया है। श्याम रजक के आरोपों को नकारते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि “श्याम रजक मंदबुद्धि छात्र हैं। नीतीश कुमार दलित विरोधी हैं, ये समझने में उनको 11 साल लग गए। आजाद भारत मे मुख्यमंत्रियों में नीतीश कुमार सबसे ज्यादा दलित हितैषी सीएम हैं।  गांधी जी ने दलितों के लिए आंदोलन किया, वो तो दलित नहीं थे। श्याम रजक की तरफ से लगाए गए आरोपों का जवाब देने के लिए नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के दलित नेताओं को आगे कर दिया है।

दरअसल श्याम रजक दलित पॉलिटिक्स के सहारे राजद सुप्रीमो लालू यादव के उसी प्लान पर चल रहे हैं। जिसके बदौलत 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन ने जीत हासिल की थी। जब एनडीए के विरुद्ध सभी पार्टी एक साथ गोलबंद हुए थे और महा गठबंधन बनाए थे। लालू यादव ने पिछले विधानसभा चुनाव मे आरक्षण के कार्ड का सहारा लिया था और मोहन भागवत के बयान को हाईलाईट किया था। वह चुनाव में सही निशाने पर लगा श्याम रजक भी आरजेडी सुप्रीमो  की तरह दलित कार्ड खेलकर नीतीश को बैकफुट पर लाना चाहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रजक की प्लानिंग को पहले ही भाप लिया है और अपने कैबिनेट मे मंत्री रहे अशोक चौधरी को मैदान मे उतारा है।