हार की वजह जानने में जुटी JDU, कार्यकर्ताओं संग मिल संगठन करेगी मजबूत

हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का अब तक का सबसे कमजोर परफॉर्मेंस रहा। पार्टी ने इस असफलता को गंभीरता से लिया है और अब वह इसका सीटवार आकलन करने का मन बना चुकी हैं। अपेक्षा अनुरूप परिणाम नहीं मिलने की वजह से पार्टी उन सीटों पर आकलन करेगी, जिन पर उन्हें हार मिली हैं। इसके बाद वहां संगठन की मजबूती पर काम किया जाएगा। गौरतलब हैं जदयू को सिर्फ 43 सीटों पर जीत मिली।

चुनाव में जदयू ने एनडीए गठबंधन के तहत सबसे अधिक 115 प्रत्याशी मैदान पर उतारे थे, जिनमें से 43 ही जीत हासिल करने में सफल हुए। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हारे हुए नेताओं से बातचीत कर चुके हैं और शीर्ष नेताओं की कोर कमेटी ने भी चर्चा की है।

जदयू ने निश्चय किया है कि दो स्तरों पर बातचीत के जरिए पार्टी अपने नेता नीतीश कुमार द्वारा बिहार के विकास के लिए 15 सालों में किए गए व्यापक कार्यों को जनता तक बताने में कैसे चूक गयी। इन सब के बाबजूद पार्टी से संगठनात्मक स्तर पर कहां क्या चूक रह गयी। ऐसे कारणों का पता लगाने के लिए पार्टी जिला, प्रखंड स्तर पर संगठनात्मक ढांचे में कुछ बदलाव कर सकती हैं। साथ ही बूथ स्तर पर इकाई को क्रियाशील करने की दिशा में भी कार्यक्रम करेगी।

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