एक और सुसाइड नोट मिलने से जेई की मौत की गुत्थी फिर उलझी

राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम में पत्नी गीता, बेटी प्राची के साथ खुदकुशी करने वाले जेई शैलेन्द्र कुमार के मामले की गुत्थी फिर उलझ गई है। अब उसके चचेरे भाई को आरोपित बनाने वाला एक और सुसाइड नोट मिलने से नया मोड़ आ गया है। बुधवार को पुलिस इसी सुसाइड नोट में लिखी बातों को लेकर माथापच्ची करती रही।

सुसाइड नोट में जेई ने 54 हजार वर्ग फीट की जमीन खरीदने से लेकर उसके विवादित होने की बात सामने आने का पूरा ब्योरा है। साथ ही यह भी लिखा है कि किस तरह से इस जमीन के कुछ हिस्सों की गलत तरीके से प्लाटिंग कर दी। फिर उससे मिली रकम का कुछ हिस्सा ही जेई की पत्नी के खातों में जमा किया गया। बाकी रकम को लेकर धांधली हुई।

इस बारे में जब जेई ने पूछा तो गोलमोल जवाब चचेरे भाई ने दिया। पुलिस इन बिन्दुओं पर पूछताछ कर रही है जेई के घर जब चोरी हुई तो पुलिस ने वहां पड़ताल की। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान ही वहां एक और सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखी बातों को पढ़कर पुलिस अफसर चकरा गये।

उनकी तफ्तीश की दिशा फिर बदल गई। एडीसीपी अनिल यादव ने जानकीपुरम पुलिस से दूसरे सुसाइड नोट में लिखे राजू नाम के चचेरे भाई से पूछताछ करने को कहा। जब पुलिस ने राजू से सम्पर्क किया तो उसने कुछ देर बाद ही फोन बंद कर लिया। अब उसके घर वाले कह रहे हैं कि वह कहीं बाहर गया है। इस पर पुलिस ने उसके नम्बर को सर्विलांस पर दे दिया है। साथ ही उसकी काल डिटेल भी निकलवायी है।

नौकरी के नाम पर रुपये देने वाले तीन और आये

पुलिस ने बताया कि नौकरी के नाम पर रुपये देने वाले तीन और लोग सामने आये हैं। इन लोगों ने रुपये देने की बात कुबूली है। इनके साथ ही संतोष शुक्ला ने भी रुपये दिये थे। बाराबंकी निवासी संतोष अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वहीं पुलिस को बीकेटी में जमीन खरीदवाने वाले का भी कुछ पता नहीं चल रहा है।

तीन खातों का पता चला पुलिस को बुधवार शाम को पुलिस को जेई और उनकी पत्नी गीता के तीन बैंक खातों का पता चला है। इसमें दो बैंक स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया और एक खाता बैंक ऑफ बड़ोदा में है। इस बारे में पुलिस ने बैंक मैनेजर से सम्पर्क किया तो उन्होंने गुरुवार सुबह पूरा ब्योरा देने को कहा है।

पास बुक भी पुलिस को मिली है। इसमें कुछ लेन-देन का ही ब्योरा है। डीसीपी का कहना है कि इस मामले में अब कई बिन्दुओं पर जांच चल रही है। उधर बेटे प्रशांत से पुलिस ने बुधवार को भी कुछ सवाल किये। प्रशांत को इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता है। भाई सत्येन्द्र ने पुलिस अफसरों से फिर कहा कि कुछ लोग फर्जी आरोप लगाकर उसके भाई की बदनामी कर रहे हैं।

यह पढ़े:जाम मुक्त होगा यूपी, लगाए गए 20 हजार पुलिस जवान, जानें योगी सरकार का प्लान