हमारा जस्टिस सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ हो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात उच्च न्यायालय की हीरक जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में एक स्मारक डाक टिकट जारी करते हुए कहा की हमारे संविधान में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को दी गई जिम्मेदारी हमारे संविधान के लिए प्राणवायु की तरह है। हमारी न्यायपालिका ने संविधान की प्राणवायु की सुरक्षा का दायित्व पूरी दृढ़ता से निभाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – हमारी न्यायपालिका ने हमेशा संविधान की रचनात्मक और सकारात्मक व्याख्या करके खुद संविधान को मजबूत किया है। हमारा जस्टिस सिस्टम ऐसा होना चाहिए जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए भी सुलभ हो, हर व्यक्ति के लिए न्याय की गारंटी हो।

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