कलौंजी का तेल इंसुलिन के स्तर को बढ़ाने में करता है मदद, Diabetes के मरीज जानें इस्तेमाल का तरीका

डायबिटीज के मरीजों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहने की जरूरत है। ऐसे में दवाइयों के साथ ही खाने-पीने पर ध्यान देना भी आवश्यक है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है जिस वजह से उन्हें अपने सेहत की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे में इस कोरोना काल में हेल्थ विशेषज्ञ मधुमेह से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह देते हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो भारत में लगभग 60 मिलियन लोग डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं। बता दें कि जब शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है तब डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तनाव व अनहेल्दी खाने से ब्लड शुगर रेंज घटते-बढ़ते रहता है, ऐसे में कलौंजी के तेल का इस्तेमाल मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है-

कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मददगार: एक शोध के अनुसार नियमित रूप से रोजाना 2 बार कलौंजी के तेल का इस्तेमाल करने से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से निजात मिल सकता है। ये शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में मददगार है। साथ ही इसके सेवन से ब्लड में ट्राईग्लिसराइड्स फैट भी कम होता है। बता दें कि डायबिटीज से पीड़ित होने का एक कारण हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी है।

पोषक तत्वों का भंडार: आयुर्वेद में कलौंजी को एक महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। कई बीमारियों के उपचार में इसका इस्तेमाल किया जाता है। कलौंजी में विटामिन, आयरन, सोडियम, कैल्शियम, अमीनो एसिड, रॉ फाइबर, प्रोटीन और फैटी एसिड जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी-कैंसर गुण भी होते हैं।

बेहतर होता है इंसुलिन प्रोडक्शन: कलौंजी के तेल का इस्तेमाल न केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है बल्कि डायबिटीज के मरीजों के शरीर में इंसुलिन का प्रोडक्शन बेहतर होता है। साथ ही साथ, ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है। कलौंजी का तेल पैन्क्रियाज में आई सूजन को भी कम करता है। इसके अलावा, डायबिटीज के कारण मरीजों के शरीर के जो अंग प्रभावित होते हैं, उन परेशानियों को भी कम करने में कारगर है ये तेल।

कैसे करें इस्तेमाल: डायबिटीज के मरीजों के लिए रोजाना 450 मिलीग्राम तेल को दिन में 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल के अलावा, मरीज 1 ग्राम कलौंजी के बीजों का पाउडर दिन में 2 बार ले सकते हैं। हालांकि, इसके सेवन से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए।

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