भ्रामरी प्राणायाम करते समय रखें इन बातों का विशेष ध्यान

भ्रमरी  प्राणायाम  करना  सेहत  के  लिए  बहुत  फायदेमंद  है। इसके  अभ्यास  से  मन  शांत,  स्वच्छ  एवं  विचार  कोमल होते  हैं  तथा  आवाज  में  मधुरता  आती  है।  इस  क्रिया  से  मन  इतना  प्रभावित  हो  जाता  है  कि  कभी- कभी  इसके  ध्यान  में  ´ओम´ की ध्वनि  सुनाई  देने  लगती  है। आज  हम  आपको बताएंगे  भ्रमरी  प्राणायाम  करते  समय  किन  बातों  का  ध्यान  रखना  चाहिए।

  • अगर  आपके  कान  में  दर्द  या  संक्रमण  है  तो  भ्रमरी  प्राणायाम  ना  करें।
  • अपने  क्षमता  से  ज्यादा  करने  का  प्रयास  न  करे।
  • भ्रामरी  प्राणायाम  करने  के  बाद  आप  धीरे- धीरे  नियमति  सामान्य  श्वसन  कर  श्वास  को  नियंत्रित  कर  सकते  हैं।
  • भ्रामरी  प्राणायाम  करते  समय  चक्कर  आना,  घबराहट  होना,  खांसी  आना,  सिरदर्द  या  अन्य कोई  परेशानी  होने  पर  प्राणायाम  रोक कर  अपने  डॉक्टर  या  योग  विशेषज्ञ  की  सलाह  लेना  चाहिए।