काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों के लिए कागज की पादुकाएं पेश कर रहा है खादी ग्रामोद्योग

काशी विश्वनाथ मंदिर में जाने वाले श्रद्धालु आगामी मकर-संक्रांति से वहां परिसर में चाहें तो चप्पल पहन कर जा सकते हैं, पर यह चप्पल हाथ से विनिर्मित कागज की होंगी और परिसर के बाहर खादी ग्रामोद्योग के बिक्री केंद्र से ली जा सकेगी। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने एक बयान में सोमवार को बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत मकर संक्रांति को हाथ से बने कागज की चप्पलों की इकाई का उद्घाटन करेंगे।

उसी दिन से वहां इन चप्पलों की बिक्री शुरू हो जाएगी। इसके लिए पार्किंग क्षेत्र में खादी की दुकान स्थापित की जा रही है। इनकी बिक्री काशी हस्तकला प्रतिष्ठान करेगा जो एक पंजीकृत खादी निकाय है। एक बार प्रयोग कर फेंक देने लायक कागज की हस्तनिर्मित चप्पलों की कीमत 50 रुपये रखी गयी है।आयोग का कहना है कि इससे गर्मी-सर्दी में काशीधाम दर्शन के लिए वहां जाने वाले श्रद्धालुओं और मंदिर कर्मियों को आराम होगा।

वहां अभी अभी परिसर में नियमानुसार श्रद्धालु, पुरोहित और कर्मचारी नंगे पांव ही प्रवेश कर सकते हैं। केवीआईसी के चयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने बताया कि हाथ से बने कागज से बनी एक बार इस्तेमाल कर के निस्तारित कर दी जाने वाली इन चप्पलों से मंदिर की सुचिता बनी रहेगी और श्रद्धालुओं को कड़ी गर्मी-सर्दी के मौसम में दर्शन करने में आराम रहेगा। इन चप्पलों में केवल प्राकृतिक सामग्री होने के कारण इनसे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।

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