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फोन का करें सीमित इस्तेमाल, नहीं तो हो जाएंगे स्लीप टेक्सटिंग के शिकार

वर्तमान समय में टेक्नोलाॅजी ने हमें सिर्फ बेहतरीन सुविधाएं ही प्रदान नहीं की हैं, बल्कि यह बहुत सी बीमारियां भी अपने साथ लेकर आया है। ऐसे ही एक बीमारी स्लीप टेक्सटिंग। अमूमन लोग इस बीमारी से अनजान ही है, लेकिन फिर भी यह कई लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। खास बात यह है कि अभी तक लोग इसे बीमारी के रूप में ले ही नहीं रहे हैं। जबकि यह स्थिति वास्तव में आपके लिए खतरनाक है।
स्लीप टेक्सटिंग एक ऐसी अवस्था है, जिसमें व्यक्ति रात को नींद में उठकर किसी को भी मैसेज या मेल भेज देता है और उसे इसका पता ही नहीं चलता। इस अवस्था में भेजे गए मैसेज आमतौर पर अर्थहीन होते हैं। यह ठीक वैसी ही स्थिति है, जैसे कुछ लोग नींद में उठकर चलने लगते हैं।
स्लीप टेक्सटिंग के शिकार अधिक युवा पीढ़ी हो रही है। इसका मुख्य कारण टेक्नोलाॅजी को एक लत की तरह इस्तेमाल करना है।
अगर आप चाहते हैं कि आप इसके शिकार न हों तो आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। जैसे मोबाइल या इंटरनेट का प्रयोग सीमित करें। साथ ही आवश्यकता होने पर इसका प्रयोग करें।
इसके अतिरिक्त सोने से पहले अपने फोन को बंद कर दें या फिर उसे कहीं दूर रख दें।
साथ ही तनावमुक्त रहने का प्रयास करें।
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