जानिए धूम्रपान से होने वाले नुकसान के बारे में

धू्म्रपान करने वाले डायबिटीज रोगी सावधान हो जाएं। ऐसे लोगों के लिए यह आदत जानलेवा साबित हो सकती है। इसकी ज्यादा लत से उनकी असमय मौत का खतरा दोगुना हो सकता है। इसलिए जितना जल्दी हो सके इससे तौबा कर लें।

धूम्रपान से आँखों पर बुरा असर : धूम्रपान करने वालों की आंखों को तंबाकू के जहरीले धुएँ आँखों को क्षतिग्रस्त कर सकता हैं। धूम्रपान का धुआँ मधुमेह के व्यक्ति की आँखों की नमी और गीले पन को सुखा देता है और धुएं में मौजूद कारबन पार्टीकल्स आपकी पलकों पर जमा होने लगते हैं, इससे भी आंखों की नमी और गीलापन खत्म हो सकता है।

धूम्रपान से बढ़ती है शुगर : मधुमेह का रोगी हमेशा खून में शक्कर के स्तर को कम रखने की कोशिश करता है, परंतु इसके विपरीत धूम्रपान व्यापक तौर पर खून में शक्कर की मात्रा को बढ़ा देता है। फिर दवा भी इसके असर को कम नहीं कर पाती है इसलिए धम्रपान न ही करें।

धूम्रपान बढ़ाता है रक्तचाप : धूम्रपान करने से रक्तचाप भी बढ़ता है। वही सभी आयु वर्ग के लोगों को बहुत सारी बीमारियों से प्रभावित करने वाला मुख्य कारण तंबाकू ही है।

धूम्रपान बढ़ाता है डिप्रेशन : जब व्यक्ति डिप्रेस महसूस करता है तभी वह धूम्रपान करने की सोचता है जिसके बाद उस व्यक्ति को धूम्रपान करने की लत लग जाती है। वैसे भी मधुमेह वाले व्यक्ति के लिए डिप्रेशन में रहना ज्यादा नुकसान दायक होता है।

धूम्रपान से रक्त नली का सिकुड़ना : सिगरेट का धुआँ जब आपके शरीर में जाता है तब वह सबसे ज्यादा आपके फेफरो नलिका सिकुड़ जाती है तब उनमें बहने वाले खून की मात्रा कम हो जाती है। इस कारण वैस्क्यूलर डिजीज हो सकती है, जो कि पैरों के अल्सर को बढ़ावा देती है और इसके संक्रमण में सहायक होती है।

धूम्रपान से मधुमेह का खतरा बढ़ता है : जिन्हें मधुमेह नहीं भी है अगर वो लोग भी धूम्रपान करते है तो उन्हें भी मधुमेह होने का खतरा  बढ़ता है। वैसे तो धूम्रपान पूरे शरीर के लिए ही हानिकारक होता है तो इससे बचे।

धूम्रपान करता है पाचनतंत्र ख़राब : अत्यधिक सिगरेट पीने से, आपके पेट और आंत में क्रमश: जलन और सूजन भी हो सकती है, जिससे आपका पाचन तंत्र में अलसर हो सकता है , धूम्रपान नहीं करने वालों के मुकाबले धूम्रपान करने वाले ज्यादा पेट और आंत के कैंसर से ग्रस्त होते हैं।

धूम्रपान से बढ़ता है हृदय रोग : धूम्रपान हृदय संबंधी बीमारियों जैसे दिल का दौरा, हृदय-धमनी रोग का मुख्य कारण है, जो किसी व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक कदम पर प्रभावित करता है। हृदय की बीमारी से होनेवाली लगभग 20% मौत का कारण धूम्रपान की लत होती है। धूम्रपान के कारण हृदय में जमा निकोटिन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे साँस लेने में भी दिक्कत होने लगती है।

वैसे तो धूम्रपान दुनिया भर में होनेवाली अनेक मौतों का सबसे बड़ा और निरोध्य कारणों में से एक है। इतना ही नहीं यह आस-पास के लोगो के लिए भी बहुत हानिकारक होता है। तंबाकू की खपत को सीमित करने के लिए, कठोर उपाय, विशेष रूप से दुनियाभर के युवाओं के लिए किया जाना बहुत ही आवश्यक है। जिस व्यक्ति को मधुमेह है उसके लिए तो यह सुसाइड के जैसा ही है। धूम्रपान करने से और भी कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। तो इसलिए धूम्रपान न करें।

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