कहीं भस्म से तो कहीं टमाटर से खेली जाती है होली: जानिए, होली मनाने के अलग-अलग तरीके

होली न सिर्फ रंगों का त्योहार है, बल्कि यह खुशियों का भी त्योहार है. देशभर में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, लेकिन होली के रंगों की बात ही अलग है. भारत की कई जगहें ऐसी हैं, जहां लोग अलग-अलग तरीके से होली खेलते हैं. तो आइये आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी ही विशेष होली जो पूरे देशभर में मनाई जाती हैं.

बरसाने की होली

भारत में त्यौहार मनाने का अलग ही मजा है उस पर भी अगर त्यौहार पर रंगों की मस्ती छा जाए तो बात ही क्या है. बरसाने की होली विश्व में प्रसिद्ध है, इतना कि देश-विदेश के कई सैलानी विशेष तौर पर होली खेलने यहां आते हैं.

लट्ठमार होली

राधा की जन्मस्थली बरसाने में होली का एक अलग ही रंग देखा जाता है. इस दिन नंद गांव के अविवाहित लड़के जिन्हें ग्वाला कहा जाता है, होली खेलने के लिए बरसाने जाते हैं और विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना के पश्चात जम कर बरसती लाठियों के साए में होली खेलते है.

मथुरा की होली

मथुरा की होली एक सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती है और कृष्ण के हर मंदिर में इसे अलग-अलग दिन और अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है. कहते हैं कृष्ण, अपनी प्रेमिका राधा के गोरे रंग से बहुत चिढ़ते थे. उनकी मां ने एक दिन उनसे मजाक में कहा कि ‘जा जिस रंग में राधा को रंगना है, रंग आ’.

फैलान गांव की होली

होली से जुड़ी एक किवदंती है कि एक बार असुर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन, जिसे यह वरदान प्राप्त था कि आग उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी, के जरिए अपने विष्णु भक्त पुत्र प्रह्लाद से छुटकारा पाने की कोशिश की.लेकिन ईश्वर की कृपा से आग प्रह्लाद को छू भी नहीं पाई और हिरण्यकश्यप की बहन होलिका जलकर राख हो गई. मथुरा के समीप फैलान गांव के लोग आज भी हर साल इस कथा को जीवित करते हैं.

काशी की होली

मोक्ष की नगरी काशी की होली अन्य जगहों से अलग बिलकुल अद्भुत, अकल्पनीय व बेमिसाल है. आपने रंगों से होली तो खूब खेली होगी, लेकिन महादेव की नगरी काशी की बात ही निराली है. वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर शिव भक्त महाश्मशान में जलने वाले इंसानों के राख से तैयार भस्म से होली खेलते हैं.

हरियाणवी होली

हरियाणा में जिस तरह की होली खेली जाती है वो जरा लीग से हटकर है. यहां खेली जाने वाली होली को भाभी-देवर होली भी कहा जाता है. आपको बता दें कि दही हांडी के अलावा, हरियाणा में खेली जाने वाली भाभी देवर होली भी देश भर में काफी लोकप्रिय है.

डियन टोमाटिना

असम के गुवाहाटी में होली खेलने का अंदाज जरा स्पेन जैसा है. यहां भी लोग टमाटरों के साथ होली खेलते हैं और खूब मजे उठाते हैं.

अंगारों पर से गुजरकर खेलते हैं होली

होली पर इस गांव का एक पंडित अपने शरीर पर एक अंगोछा पहनकर 20-25 फुट घेरे वाली होली की धधकती आग में से निकल कर लोगों को हैरान कर देता है. यह पंडित पूरे एक साल पहले संयमित तरीके से खुद को आग से निकलने के लिए तैयार करता है और ईश्वर की अराधना करता है.

याओसांग नामक पर्व

पूर्वी प्रदेश मणिपुर के याओसांग में योंगसांग उस नन्हीं झोंपड़ी का नाम है जो पूर्णिमा के दिन प्रत्येक नगर-ग्राम में नदी अथवा सरोवर के तट पर बनाई जाती है.
मणिपुर में फाल्गुन मास के दिन याओसांग नामक पर्व मनाया जाता है जो होली से बहुत मिलता जुलता है. यहाँ धुलेंडी वाले दिन को ‘पिचकारी’ कहा जाता है.