जानिये बच्चों के लिए डिब्बे का दूध कितना फायदेमंद है

कई बार बच्चों को मां का दूध नहीं मिल पाता ऐसे में बच्चे का पेट भरने के लिए उसे पाउडर यानि डिब्बे का दूध दिया जाता है। आपको बता दे की मिल्क पाउडर जो कि बच्चों के लिए दूध की जरुरत को आसानी से पूरा कर देता है इस दूध में तकरीबन 87 प्रतिशत पानी होता है और लगभग 3.9 प्रतिशत मिल्क फैट और 8.8 प्रतिशत नॉन-फैट दूध होता है।

भले ही नवजात स्तनपान नहीं कर पाने के कारण यह दूध उनका पूर्ण्तः पेट भरता है लेकिन यह उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक है। ऐसे में उनको पाउडर मिल्क देने की बजाए मां के दूध को ही निकालकर कटोरी चम्मच से पिलाना चाहिए।

आपको बता दे की पाउडर वाले दूध से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो सकती है। ऐसा होने से वह कई गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकता है। नवजात को छह महीने तक स्तनपान ही करवाना चाहिए। पाउडर मिल्क देने से बच्चे की सेहत नहीं बनती है। बोतल से दूध पिलाने से उसको संक्रमण हो सकता है।

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