जानिए पानी वाले फल कितने फायदेमंद है स्वास्थ्य के लिए…

यूं तो जूस या बोतलबंद लिक्विड से हम पोषक तत्वों की प्राप्ति करने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन इनके जरिए पोषण के साथ-साथ नुकसानदायक फैट भी हम ग्रहण कर लेते हैं। ऐसे में प्राकृतिक रूप से फलों और पौधो में मौजूद लिक्विड या पानी ग्रहण करना अधिक सुरक्षित विकल्प महसूस होता है लेकिन क्या ये उतने सुरक्षित होते हैं।

नारियल पानी-

पेड़-पौधों आधारित पानी ग्रहण करने की बात आती है तो सबसे पहले नाम आता है नारियल का। इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद पानी में पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स के रूप में बेहतर विकल्प माना जाता है। मॉर्टिज जनरल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जो पुरुष एक्सरसाइज करने से पूर्व नारियल पानी पीते हैं वो इसे न पीने वालों के मुकाबले लंबे समय तक व्यायाम करने में सक्षम हो पाते हैं, थकान कम होती है, अधिक समय तक उनके शरीर में फ्ल्यूड कायम रहता है।

इतने फायदों के बावजूद नारियल पानी में सोडियम नहीं होता है, यह प्रायमरी इलेक्ट्रोलाइट्स है जो अत्यधिक थका देने वाले वर्कआउट के बाद जरूरी होता है। जिन लोगों को लोअर ब्लड प्रेशर की शिकायत है उनके लिए यह फायदेमंद है कि इसमें सोडियम की मात्रा नहीं होती लेकिन अनहेल्दी लाइफस्टाइल जीने वालों के लिए नारियल पानी ज्यादा कारगर नहीं होता। पोटेशियम की प्राप्ति के लिए आप अन्य फल और सब्जियां भी खा सकते हैं जिनसे फाइबर भी भरपूर मात्रा में प्राप्त हो सके।

एलोविरा वॉटर-

इसकी ठंडी तासीर और खीरे की तरह स्वाद के साथ-साथ इससे प्राप्त होने वाले जूस में बी विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो पाचन में मददगार होते हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक बिना विशेषज्ञ के परामर्श के यदि एलोविरा जूस लिया जाए तो उससे हेपेटाइटिस, कैल्शिम में कमी, प्रोटीन की क्षति और अनियंत्रित इलेक्ट्रोलाइट्स की समस्या हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एलोविरा जूस का सेवन हर दिन नहीं करना चाहिए जब तक कि आपको ऐसा करने की सलाह ना दी गई हो। एलोविरा को हर्बल सप्लीमेंट के तौर पर माना जाता है और इसका शरीर पर औषधीय प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही यह कई अन्य दवाओं के प्रभाव को भी कम करने का काम करता है।

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