जानिए कैसे बच्चें हाइपरटेंशन के शिकार होते है

ऐसा कहा जाता हैं कि बच्चें सबसे ज्यादा टेंशन फ्री होते हैं उन्हें किसी भी चीज की कोई टेंशन नहीं होती हैं लेकिन अगर आपकी भी यहीं सोच हैं तो इसे पूरी तरह बदल दीजिए, जी हां क्योंकि बच्चें भी हाइपरटेंशन के बुरी तरह शिकार होते हैं वे भी छोटी-छोटी बातों की बहुत टेंशन लेते हैं हाल ही में एक रिसर्च हमारे सामने आई है जिसके मुताबिक, जिन बच्चों के भाई-बहन नहीं होते वे बहुत ही स्वार्थी होते हैं, इतना ही नहीं, ऐसे बच्चे अकेलेपन का शिकार होते हैं, रिसर्च में ये भी कहा गया कि इन बच्चों का दिमाग सामान्य बच्चों से बहुत हटकर डवलप होता हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसे बच्चे हाइपरटेंशन का भी खूब शिकार होते है।

डॉक्टर के अनुसार बच्चों में हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण उनका लाइफस्टाइल हैं ऐसे बच्चे ओवर पैंपर्ड होते हैं और अपनी चीजें किसी से भी शेयर नहीं करते. यहां तक की फूड्स भी.बच्चे आजकल फैटी स्टफ, हाई कॉलेस्ट्रॉल स्टफ बहुत अधिक खाते हैं. बहुत कम फीजिकल एक्टिविटी करते हैं.ऐसे बच्चे बहुत ही ज्यादा सेंसेटिव होते हैं, इन्हें बात-बात पर बहुत गुस्सा आता हैे, सिंगल बच्चे बहुत ज्यादा सोशल नहीं हो पाते. ऐसे बच्चे चीजों को शेयर करना नहीं सीख पाते. इनमें पेशेंस भी नहीं होता.ऐसे बच्चे अपने इमोशंस कतई कंट्रोल नहीं कर पाते.सिंगल बच्चे डिप्रेशन के बहुत अधिक शिकार होते हैं, वे अकेला महसूस करते हैं, फैमिली के स्ट्रेस के कारण भी कई बार बच्चों को हाइपरटेंशन हो जाती हैे, आसान शब्दों में कहा जाए तो सिंगल बच्चों में हाइपरटेंशन का बहुत ही बड़ा कारण उनका लाइफस्टाइल और डिप्रेशन होता है।

इसलिए अपने बच्चों का भी बहुत ध्यान रखें उन्हें अकेला न छोड़े क्यों कि जो बच्चें अकेले रहते हैं तो वे बहुत ही गहराई से सोचने लग जाते हैं और इससे वे हाइपरटेंशन में चले जाते हैं, इसीलिए उन्हें हमेशा साथ रखें और उन्हें दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें।

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