शिशु के लिए जानिए कैसे नुकसानदाय है दोपहर की नींद

बच्चों के लिए नींद कितनी आवश्यक होती है इसका महत्व एक माँ ही समझ सकती है। अपने बच्चों के नींद का पूरा ख्याल रखना उनका सबसे बड़ा फर्ज होता है। क्योंकि जब बच्चे अपनी नींद अच्छी तरह से लेते हैं तो इसका असर उसके पूरे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। शिशुओं को ज्यादा देर तक सुलाने की सलाह चिकित्सक भी देते हैं, और उनके संपूर्ण विकास के लिए यह विल्कुल सही भी है।

लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है सोने में कमी होने लगती है। लेकिन दोपहर की झपकी या नींद से शिशु की रात्रि निद्रा का समय प्रभावित होता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि पाया कि दो साल से ऊपर के बच्चों में दोपहर की नींद का उनकी रात्रि निद्रा पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

शिशुओं के लिए दोपहर की नींद हानिकारक है, यह बात एक अध्ययन में सामने आयी है। जो शिशु दोपहर को सोते है उनको रात्रि को सोने में काफी समय लगता है। एक शोधकर्ता के अनुसार बताया कि उनकी टीम यह पता लगाना चाहती थी कि शिशुओं में दोपहर की नींद का उनकी रात्रि निद्रा की गुणवत्ता, उनके व्यवहार, संज्ञानात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। शोध के अनुसार नींद और व्यवहार, विकास एवं संपूर्ण स्वास्थ्य पर पडऩे वाले हानिकारक प्रभाव में अंर्तसबंध है। इसका कोई प्रमाण नहीं है केवल एक अध्ययन के अनुसार ही माना जा रहा है।

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