जानिए हड्डी के टूट जाएं तो कैसे करें इसका इलाज !

हड्डियों की चोटें सामान्यतया किसी दुर्घटना के कारण होती हैं, जैसे-कोई वाहन दुर्घटना, ऊँचाई से गिरना या किसी वजह से दब जाने के दौरान प्रायः हड्डियों में चोट लगती है। इस प्रकार की हड्डी का टूटना या अस्थिभंग कहते हैं।

लक्षण

हड्डी टूटने पर अत्यधिक एवं असहनीय दर्द, चोटग्रस्त अंग को आसानी से हिला-डुला न सकना, अंग सूजा हुआ व विकृत या असामान्य स्थिति में हो सकता है। हड्डी टूटने पर उसकी शल्य चिकित्सा करवानी चाहिये। उसके बाद निम्न उपचार किये जा सकते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार

बबूल की फलियों का चूर्ण करके शहद के साथ चटाने से टूटी हुई हड्डी ठीक हो जाती है।

गुलकंद की 5-10 ग्राम मात्रा प्रतिदिन खाने से हड्डियों को बल मिलता है।

बबूल का गोंद टूटी हुई हड्डी को जोड़ने का काम बहुत अच्छा करता है तथा बहते हुए रक्त स्त्राव को भी बन्द कर देता है।

हड्डी टूटने की हालत में देसी घी में थोड़ा-सा लहसुन भूनकर और हल्दी गर्म दूध में मिलाकर पीने से हड्डी जल्दी जुड़ती है।

हड्डी टूट गई हो, स्थान से हट गई हो, बढ़ गई हो, हड्डी का कोई भी रोग हो, लहसुन के सेवन से लाभ होता है।

लहसुन के लेप से टूटी हुई हड्डियों की चोट में लाभ मिलता है।

हड्डियों के टूटने की आशंका में एरण्ड के लकड़ी की पट्टी बाँधने तथा उसके पत्तों को गरम कर सेंक करने से लाभ होता है।

हड्डी टूटने पर 12 ग्राम गेहूँ की राख इतने ही शहद में मिलाकर चाटने से टूटी हुई हड्डी जुड़ जायेगी। कमर और जोड़ों के दर्द में भी इससे आराम मिलता है।

हड्डी टूटने पर हल्दी के नियमित सेवन से लाभ होता है।

फूल गोभी का रस पीते रहने से हड्डियों के दर्द में लाभ होता है।

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